गरियाबंद में कलेक्टर ने निजी स्कूलों पर सख्ती, फीस वृद्धि, आरटीई पालन, अपार आईडी और सुरक्षा मानकों पर निर्देश, नियम उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी
गरियाबंद। जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया है। एक महत्वपूर्ण बैठक में फीस वृद्धि, आरटीई के प्रावधानों, अपार आईडी और स्कूलों में सुरक्षा मानकों को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फीस वृद्धि पर नियंत्रण
बैठक में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने के मामलों को गंभीरता से लिया गया।
कलेक्टर के निर्देश:
- बिना अनुमति फीस वृद्धि नहीं
- अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डाला जाए
- फीस संरचना पारदर्शी हो
इससे अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। 💼
आरटीई नियमों का पालन अनिवार्य
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत मिलने वाले लाभों को सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
निर्देश:
- आरटीई के तहत प्रवेश सुनिश्चित करें
- पात्र बच्चों को वंचित न करें
- नियमों का सख्ती से पालन
अपार आईडी पर विशेष जोर
बैठक में छात्रों के लिए अपार आईडी (Academic Performance and Achievement Record) बनाने की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी गई।
लाभ:
- छात्रों का डिजिटल रिकॉर्ड
- शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता
- भविष्य में ट्रैकिंग आसान
सुरक्षा मानकों की समीक्षा
स्कूलों में सुरक्षा को लेकर भी कलेक्टर ने गंभीरता दिखाई।
मुख्य बिंदु:
- सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था
- अग्नि सुरक्षा उपकरण
- आपातकालीन निकास
- बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित
निरीक्षण के निर्देश
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि सभी स्कूल नियमों का पालन करें।
अभिभावकों की शिकायतों पर ध्यान
अभिभावकों से मिलने वाली शिकायतों को प्राथमिकता से हल करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि:
- नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई होगी
- मान्यता रद्द तक की कार्रवाई संभव
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की पहल
यह कदम शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निष्कर्ष
गरियाबंद में निजी विद्यालयों की मनमानी पर कलेक्टर की सख्ती से शिक्षा क्षेत्र में अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। यह पहल छात्रों और अभिभावकों के हित में अहम साबित होगी।


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