सारंगढ़-बिलाईगढ़ में कलेक्टर ने कौशल विकास प्रशिक्षण कोर्स का निरीक्षण किया, युवाओं से संवाद कर गुणवत्ता, सुविधाओं और रोजगार से जुड़ी व्यवस्थाओं के निर्देश दिए।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ | सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में चल रहे कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लेने के लिए कलेक्टर ने संबंधित प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने विभिन्न ट्रेड में संचालित प्रशिक्षण कोर्स का अवलोकन कर प्रशिक्षार्थियों से सीधे संवाद किया और उनके अनुभव भी जाने।
कलेक्टर ने प्रशिक्षण केंद्र में चल रहे सिलाई, कंप्यूटर प्रशिक्षण, इलेक्ट्रिशियन, ब्यूटी एंड वेलनेस और अन्य रोजगारोन्मुखी कोर्स की कक्षाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षकों से पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण अवधि और मूल्यांकन प्रक्रिया की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के योग्य बनाना है। इसके लिए प्रशिक्षण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रशिक्षार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि वे प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सीधे कार्य क्षेत्र में उतर सकें।
कलेक्टर ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से बातचीत करते हुए उनकी समस्याएं भी सुनीं। प्रशिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण सामग्री, समय-सारिणी और रोजगार से जुड़ी अपेक्षाओं के बारे में जानकारी दी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षार्थियों की सुविधाओं और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान यह भी कहा गया कि प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले युवाओं को प्लेसमेंट से जोड़ने के लिए जिला स्तर पर विशेष पहल की जाएगी। निजी संस्थानों और उद्योगों के साथ समन्वय कर अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
कलेक्टर ने प्रशिक्षण केंद्र में साफ-सफाई, उपकरणों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि सभी प्रशिक्षण केंद्रों में बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
इस अवसर पर जिला पंचायत के अधिकारी, कौशल विकास विभाग के प्रतिनिधि, प्रशिक्षण केंद्र के संचालक और प्रशिक्षक उपस्थित रहे।


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