महासमुंद में आयोजित जन चौपाल में कलेक्टर ने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को राजस्व, पेंशन व योजनाओं से जुड़े मामलों के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
महासमुंद। महासमुंद जिले में प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित जन चौपाल में कलेक्टर ने जिले के विभिन्न गांवों और शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। जन चौपाल में बड़ी संख्या में लोग अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं को लेकर पहुंचे और आवेदन प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने एक-एक कर सभी आवेदकों से संवाद किया और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही कई मामलों में त्वरित निराकरण के निर्देश दिए, वहीं जटिल प्रकरणों को समय-सीमा में हल करने के आदेश भी दिए।
राजस्व, पेंशन और आवास से जुड़े मामलों की भरमार
जन चौपाल में सबसे अधिक आवेदन राजस्व से जुड़े मामलों, नामांतरण, सीमांकन, भूमि विवाद, पेंशन स्वीकृति, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित रहे। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने सड़क, नाली, पेयजल और बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं भी कलेक्टर के समक्ष रखीं।
बुजुर्गों और महिलाओं की समस्याओं को मिली प्राथमिकता
जन चौपाल में बड़ी संख्या में बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल रहीं। कलेक्टर ने वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र हितग्राहियों को किसी भी स्थिति में योजनाओं का लाभ वंचित न किया जाए।
मौके पर ही दिए गए निर्देश
कलेक्टर ने राजस्व, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य विभाग, स्वास्थ्य और विद्युत विभाग के अधिकारियों को समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कई प्रकरणों में संबंधित विभागीय अधिकारियों से मौके पर ही रिपोर्ट लेकर कार्यवाही के आदेश दिए गए।
जन चौपाल से मजबूत हुआ भरोसा
जन चौपाल में आए नागरिकों ने कलेक्टर से सीधे मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखने के अवसर को सराहा। लोगों का कहना था कि प्रशासन से सीधा संवाद होने से उनकी शिकायतों के निराकरण की उम्मीद बढ़ी है।
पारदर्शिता और संवेदनशीलता पर जोर
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और पारदर्शिता बनाए रखें। किसी भी प्रकरण में अनावश्यक देरी न हो और हर आवेदक को उसकी शिकायत की स्थिति की जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि जन चौपाल का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।
नियमित रूप से होंगे ऐसे आयोजन
प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले में आगे भी नियमित अंतराल पर जन चौपाल का आयोजन किया जाएगा, ताकि दूर-दराज के गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय आने की जरूरत न पड़े और उनकी समस्याएं स्थानीय स्तर पर सुनी जा सकें।


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