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सीएम साय का बस्तर दौरा, पुनर्वास से विकास तक

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 1 September 2025

सीएम साय के बस्तर दौरे में बाढ़ पुनर्वास, किसानों की फसल संकट, उर्वरक वितरण अनियमितता, नक्सली विरोधी अभियान और सांस्कृतिक व शैक्षिक पहल पर बड़ा फोकस रहा।

बस्तर । जगदलपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने बस्तर प्रवास पर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों की समीक्षा में जुटे। उनके इस दौरे में बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास, किसानों की फसल पर पंडरीमंडी रोग का प्रकोप, उर्वरक वितरण में अनियमितता, नक्सली विरोधी अभियान में नई पहल, वीर सावरकर भवन का जीर्णोद्धार और पुस्तक पठन अभियान जैसे अहम बिंदु प्रमुख रूप से शामिल रहे।

सीएम साय का यह दौरा न केवल प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित रहा, बल्कि उन्होंने ग्रामीणों, किसानों, बच्चों और सामाजिक संगठनों से सीधे संवाद किया।


बाढ़ पीड़ितों का पुनर्वास सबसे बड़ा मुद्दा

बस्तर में हालिया बाढ़ ने हजारों लोगों को प्रभावित किया है। कई गांवों के लोग अब भी विस्थापन और पुनर्वास की समस्या से जूझ रहे हैं। सीएम साय ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार प्रत्येक पीड़ित को सुरक्षित आवास और राहत सामग्री उपलब्ध कराएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुनर्वास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


किसानों की फसल पर पंडरीमंडी रोग का प्रकोप

किसानों की समस्या इस दौरे का दूसरा बड़ा केंद्र रही। बस्तर के कई क्षेत्रों में पंडरीमंडी रोग ने धान की फसल को बुरी तरह प्रभावित किया है। किसानों ने सीएम के सामने अपनी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तुरंत सर्वे कर नुकसान का आकलन करें और किसानों को मुआवजा व तकनीकी मदद मुहैया कराएं।


उर्वरक वितरण में अनियमितता पर सख्त संदेश

सीएम साय को शिकायतें मिलीं कि बस्तर के कई इलाकों में उर्वरक वितरण में गंभीर अनियमितताएं हैं। इस पर उन्होंने संबंधित विभागों को फटकार लगाई और कहा कि किसान को उसकी जरूरत के अनुसार समय पर खाद और बीज मिलना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि यदि वितरण प्रणाली में गड़बड़ी पाई गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।


नक्सली विरोधी अभियान में नई पहल

बस्तर क्षेत्र लंबे समय से नक्सल समस्या से जूझ रहा है। इस मुद्दे पर सीएम साय ने सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलवाद को खत्म करने के लिए नए तकनीकी साधनों और सामुदायिक भागीदारी का सहारा लेगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि विकास और विश्वास ही नक्सलवाद पर स्थायी रोक लगाने का उपाय है।


वीर सावरकर भवन का जीर्णोद्धार

अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने वीर सावरकर भवन के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ऐसे भवन न केवल सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हैं, बल्कि युवाओं को राष्ट्रभक्ति और प्रेरणा का संदेश भी देते हैं।


पुस्तक पठन अभियान में बच्चों का उत्साह

सीएम साय ने पुस्तक पठन अभियान से जुड़े कार्यक्रम में भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ बातचीत की और उनके उत्साह को सराहा। उन्होंने कहा कि ज्ञान और शिक्षा ही किसी समाज को सशक्त बनाती है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अभियान को और अधिक गांवों और विद्यालयों तक पहुंचाया जाए।


जनता से सीधा संवाद

अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने आम जनता, किसानों और महिलाओं से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार का उद्देश्य है कि बस्तर विकास और शांति के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़े।


निष्कर्ष

सीएम साय का बस्तर दौरा बहुआयामी रहा, जिसमें उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास से लेकर किसानों की फसल, उर्वरक वितरण, नक्सली विरोधी अभियान और सांस्कृतिक धरोहरों तक हर मुद्दे पर गंभीरता दिखाई। उनका यह प्रवास बस्तर के विकास और स्थायी शांति की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।


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