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CM श्री साय ने की नई पहल की शुरुआत

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 8 August 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास को नई दिशा देने की पहल की, युवाओं को मिलेगा व्यापक लाभ।

रायपुर। छत्तीसगढ़ की धरती पर एक नई शिक्षा क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में ठोस कदम उठा रही है, जिससे राज्य के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सके।

उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को शैक्षणिक हब बनाने के लिए सरकार न केवल अधोसंरचना को मजबूत करेगी बल्कि पाठ्यक्रमों को भी उद्योगों की मांग के अनुसार ढालने का काम करेगी।

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🧑‍🏫 नवाचार आधारित शिक्षा का जोर

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ अब राज्य में नवाचार और स्टार्टअप को भी शिक्षा से जोड़ा जाएगा। स्कूली स्तर से ही बच्चों को डिजिटली सक्षम बनाया जाएगा। इसके तहत स्मार्ट क्लास, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म और प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि “छत्तीसगढ़ को ज्ञान आधारित समाज बनाना है, जहां हर बच्चा सोच सके, सृजन कर सके और समाधान निकाल सके।”

🧰 कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर

राज्य सरकार ने कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए घोषणा की है कि हर जिले में मॉडर्न स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले जाएंगे। इन केंद्रों में युवाओं को आईटी, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, एग्रीटेक और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनाना हमारी प्राथमिकता है। इसलिए हम स्टार्टअप संस्कृति को भी बढ़ावा देंगे।”

📚 उच्च शिक्षा को उद्योगों से जोड़ने की योजना

सरकार की योजना है कि विश्वविद्यालयों और उद्योगों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए। इसके तहत कॉलेज स्तर पर विद्यार्थियों को इंटर्नशिप और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के अवसर मिलेंगे। इससे उन्हें पढ़ाई के दौरान ही व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और प्लेसमेंट की संभावना भी बढ़ेगी।

🏫 ग्रामीण और आदिवासी अंचलों पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की रोशनी हर गांव और हर बच्चे तक पहुंचनी चाहिए। इसके लिए आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों में विशेष योजनाएं चलाई जाएंगी, जहां पर डिजिटल लर्निंग व मोबाइल एजुकेशन वैन जैसे प्रयासों से बच्चों तक शिक्षा पहुंचाई जाएगी।

💬 शिक्षकों की भूमिका अहम

श्री साय ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे स्वयं को बदलें, नवाचार को अपनाएं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनें। उन्होंने कहा कि सरकार नियमित रूप से शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित करेगी जिससे उनकी दक्षता और शिक्षण क्षमता में सुधार होगा।

💻 डिजिटल शिक्षा और तकनीकी उन्नयन

राज्य सरकार डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए स्कूली पाठ्यक्रमों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने जा रही है। इससे विद्यार्थियों को घर बैठे पढ़ाई करने का मौका मिलेगा और शहरी-ग्रामीण शिक्षा में समानता आएगी।

🧭 अगले 5 वर्षों का रोडमैप

मुख्यमंत्री ने बताया कि आने वाले 5 वर्षों में:

  • हर ज़िले में मिनी-तकनीकी विश्वविद्यालय की स्थापना होगी।
  • ग्रामीण स्कूलों में फाइबर-नेट आधारित इंटरनेट सुविधा दी जाएगी।
  • लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना लागू होगी।
  • 1 लाख युवाओं को कौशल आधारित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

🙌 समाज की भागीदारी जरूरी

मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि शिक्षा क्रांति के इस अभियान में सभी नागरिक, शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि “यह अकेले सरकार का नहीं, हम सबका मिशन है।”

📌 निष्कर्ष नहीं — लेकिन संकेत स्पष्ट हैं:

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अगुवाई में शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में व्यापक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। यह पहल राज्य को आत्मनिर्भर और नवाचारी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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