सूरजपुर में बच्चों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बाल विवाह मुक्त ग्राम बनाने की शपथ ली, महिला एवं बाल विकास विभाग ने चलाया जागरूकता अभियान
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक ने बाल विवाह मुक्त ग्राम बनाने की शपथ ली। कार्यक्रम का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से किया गया, जिसमें ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। 👧👦
बाल विवाह रोकने का लिया संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों, युवाओं, महिला समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने बाल विवाह को समाप्त करने का सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने कहा कि वे अपने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे और समाज में जागरूकता फैलाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, जिसे समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे बाल विवाह की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग को सूचित करें।
बच्चों ने दी जागरूकता की प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने नुक्कड़ नाटक, गीत और स्लोगन के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों को प्रस्तुत किया। बच्चों ने शिक्षा के महत्व और बाल विवाह के नुकसान पर जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
ग्रामीणों ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होते हैं। 🎭
जनप्रतिनिधियों ने किया समर्थन
कार्यक्रम में शामिल जनप्रतिनिधियों ने बाल विवाह रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया जाएगा, ताकि बाल विवाह जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
अधिकारियों ने बाल विवाह निषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह करना और करवाना दोनों दंडनीय अपराध हैं। उन्होंने ग्रामीणों को कानून की जानकारी देकर जागरूक किया।
ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और बाल विवाह रोकने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। महिलाओं और युवाओं ने कहा कि वे अपने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।
जागरूकता अभियान जारी रहेगा
अधिकारियों ने बताया कि जिले में बाल विवाह रोकने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत स्कूलों, पंचायतों और गांवों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस पहल से ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ी और समाज में सकारात्मक संदेश गया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक शपथ और जागरूकता रैली के साथ किया गया। 🚶♂️


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