छत्तीसगढ़ में खेत की बाउंड्री में बिछाए करंट से बच्चे की दर्दनाक मौत, परिजनों ने किसान पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की।
बलरामपुर। एक मासूम की जिंदगी खेत की बाउंड्रीवाल में बिछे बिजली के करंट ने छीन ली। यह हृदयविदारक घटना बलरामपुर जिले के एक गांव की है, जहां खेलते-खेलते खेत की ओर गया बच्चा करंट की चपेट में आ गया। खेत की बाउंड्री में किसान ने जानवरों को भगाने के उद्देश्य से अवैध रूप से बिजली का करंट दौड़ा रखा था।
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इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। मृतक के परिजनों ने किसान पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है।
🧒 कैसे हुआ हादसा?
मृत बच्चा लगभग 10 साल का था और गांव के अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते वह खेत की ओर गया, जहां बाउंड्रीवाल के पास उसे तेज करंट का झटका लगा। पास में मौजूद बच्चों ने शोर मचाया, तब जाकर लोग दौड़े और बच्चे को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया।
हालांकि, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खेत के मालिक किसान ने जानवरों से फसल बचाने के लिए चारदीवारी में हाई वोल्टेज करंट जोड़ रखा था, जो कि पूरी तरह गैरकानूनी है।
👨👩👦 परिजनों का आक्रोश:
मासूम की मौत से गुस्साए परिजनों और गांववालों ने मौके पर प्रदर्शन किया और किसान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि सीधे-सीधे लापरवाही और गैरकानूनी हरकत का नतीजा है।
परिजनों ने कहा, “अगर ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो फिर किसी और मासूम की जान भी जा सकती है।”
⚖️ पुलिस का बयान और कार्रवाई:
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि खेत में बिजली की तार अवैध रूप से बिछाई गई थी और किसान ने बिजली विभाग से कोई अनुमति नहीं ली थी।
पुलिस ने किसान को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और धारा 304A (लापरवाही से मौत) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
🔌 क्या कहता है कानून?
बिजली अधिनियम के तहत बिना अनुमति बिजली लाइन बिछाना और करंट दौड़ाना कानूनन अपराध है। यदि इससे जान का नुकसान होता है, तो आरोपी पर गैर-इरादतन हत्या (IPC 304A) और विद्युत अधिनियम की धाराएं लागू होती हैं।
👁️ गांव में डर और सतर्कता:
इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खेतों में करंट बिछाने की यह प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जो जानलेवा साबित हो रही है।
ग्राम पंचायत ने इस मुद्दे पर आपात बैठक बुलाई है और सभी किसानों को चेतावनी दी है कि अगर किसी ने खेत में बिजली बिछाई तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
🧠 सोचने वाली बात:
क्या कुछ पैसों की फसल बचाने के लिए हम इतनी बड़ी कीमत — एक मासूम की जान — चुकाने को तैयार हैं? यह हादसा केवल एक बच्चे की नहीं, पूरी व्यवस्था की विफलता को उजागर करता है। किसानों को फसल बचाने का हक है, लेकिन नियमों और कानूनों की अनदेखी कर नहीं।
🛑 सरकार और बिजली विभाग को क्या करना चाहिए?
- जागरूकता अभियान: ग्रामीणों और किसानों को अवैध करंट से होने वाले खतरों के बारे में जागरूक किया जाए।
- निरीक्षण टीम: पंचायत और बिजली विभाग की संयुक्त टीम खेतों का निरीक्षण करे।
- सख्त कानून: खेतों में करंट बिछाने पर सीधे जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान हो।
📣 निष्कर्ष नहीं, चेतावनी
यह हादसा चेतावनी है — बच्चों की सुरक्षा सिर्फ स्कूलों या घर तक सीमित नहीं होनी चाहिए। खेत, सड़क और गांव भी सुरक्षित होने चाहिए।
