SCERT की नई किताबों में बड़ा बदलाव, अब छात्रों को पढ़ाया जाएगा तीजनबाई का जीवन परिचय और सिरपुर का इतिहास, स्थानीय संस्कृति से जुड़ेगा पाठ्यक्रम।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने नई पाठ्यपुस्तकों में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, इतिहास और महान विभूतियों को प्रमुखता से शामिल करने का निर्णय लिया है। अब राज्य के स्कूली बच्चे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पंडवानी गायिका तीजनबाई के जीवन परिचय के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहर सिरपुर के गौरवशाली इतिहास के बारे में भी पढ़ेंगे।
स्थानीय संस्कृति से जुड़ेगा शिक्षा का पाठ
SCERT द्वारा किए गए इस बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी स्थानीय संस्कृति, कला और इतिहास से जोड़ना है। नई किताबों में छत्तीसगढ़ की लोककलाओं, जनजातीय परंपराओं और ऐतिहासिक स्थलों पर विशेष अध्याय जोड़े गए हैं। इससे बच्चों में अपने प्रदेश के प्रति गर्व और पहचान की भावना विकसित होगी।
तीजनबाई का जीवन बनेगा प्रेरणा
पाठ्यक्रम में पद्म विभूषण से सम्मानित लोक कलाकार तीजनबाई के संघर्ष, साधना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने की यात्रा को शामिल किया गया है। उनके जीवन से बच्चों को मेहनत, लगन और सांस्कृतिक मूल्यों की प्रेरणा मिलेगी।
सिरपुर का गौरवशाली इतिहास
इतिहास के अध्यायों में सिरपुर को विशेष स्थान दिया गया है। प्राचीन मंदिरों, बौद्ध विहारों और पुरातात्विक महत्व के इस स्थल के माध्यम से विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक समृद्धि से परिचित कराया जाएगा। सिरपुर को एक प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्र के रूप में समझाया जाएगा।
शिक्षाविदों ने किया स्वागत
शिक्षा विशेषज्ञों और शिक्षकों ने SCERT के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर संस्कार और पहचान निर्माण का माध्यम बनेगी।
SCERT अधिकारियों के अनुसार नई किताबें आगामी शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में लागू की जाएंगी। यह पहल “लोकल से ग्लोबल” की सोच को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





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