इंडिया डे परेड 2025 में नाचा ने छत्तीसगढ़ की भव्य झांकी प्रस्तुत की। स्वतंत्रता दिवस पर उत्तर अमेरिका में संस्कृति, नृत्य और परंपरा ने सबका मन मोह लिया।
न्यूयॉर्क/रायपुर। भारत की स्वतंत्रता दिवस की 78वीं वर्षगांठ पर आयोजित इंडिया डे परेड 2025 उत्तर अमेरिका में भारतीय संस्कृति और परंपरा की झलक का केंद्र बनी। इस अवसर पर नाचा (North America Chhattisgarh Association) ने छत्तीसगढ़ की शानदार झांकी प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। इस झांकी ने न केवल भारतीय समुदाय को गर्व से भर दिया बल्कि विदेशी दर्शकों को भी छत्तीसगढ़ की अनूठी संस्कृति और परंपराओं से रूबरू कराया।
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छत्तीसगढ़ की विरासत बनी आकर्षण का केंद्र
नाचा द्वारा प्रस्तुत झांकी में छत्तीसगढ़ की लोक कला, आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक नृत्य, बस्तर दशहरा और छत्तीसगढ़ी खान-पान की झलक को बड़े ही जीवंत रूप में दिखाया गया। झांकी में पारंपरिक वेशभूषा पहने कलाकारों ने स्थानीय लोकनृत्य और गीत प्रस्तुत किए। पंथी नृत्य और राऊत नाचा ने भारतीय प्रवासियों और विदेशी दर्शकों दोनों का मन मोह लिया।
भारत की विविधता का प्रतीक
इंडिया डे परेड हर वर्ष न्यूयॉर्क, शिकागो और टोरंटो जैसे प्रमुख उत्तर अमेरिकी शहरों में आयोजित होती है। इसमें भारतीय समुदाय अपनी-अपनी संस्कृति की प्रस्तुति करता है। इस बार छत्तीसगढ़ की झांकी खास आकर्षण रही, क्योंकि यह पहली बार इतने बड़े मंच पर प्रस्तुत की गई।

नाचा के अध्यक्ष ने कहा, “हमारा उद्देश्य भारतीय प्रवासी समुदाय को अपनी जड़ों से जोड़ना और छत्तीसगढ़ की संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना है। यह अवसर न केवल गर्व का है बल्कि हमारी पहचान को संजोने का भी है।”
दर्शकों की उमड़ी भीड़
इस परेड में हजारों भारतीय प्रवासियों के साथ-साथ अमेरिकी और अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हुए। छत्तीसगढ़ की झांकी देखकर लोग झूम उठे। कई विदेशी दर्शकों ने कलाकारों से मिलकर उनकी संस्कृति और नृत्य शैलियों के बारे में जानकारी ली।
स्वतंत्रता दिवस पर विशेष महत्व
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस झांकी का प्रदर्शन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को श्रद्धांजलि भी माना गया। झांकी में महात्मा गांधी, वीर नारायण सिंह और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें भी शामिल थीं, जिसने लोगों को भारतीय स्वतंत्रता के संघर्ष की याद दिलाई।
नाचा की पहल और योगदान
नाचा लंबे समय से उत्तर अमेरिका में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने का काम कर रही है। संगठन ने बताया कि प्रवासी भारतीयों की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए इस तरह की प्रस्तुतियाँ बेहद जरूरी हैं। झांकी की तैयारी महीनों पहले से की गई थी और कलाकारों को विशेष रूप से छत्तीसगढ़ से बुलाया गया।
छत्तीसगढ़ी व्यंजन और हस्तशिल्प की झलक
झांकी के साथ-साथ परेड में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन और हस्तशिल्प की झलक भी प्रस्तुत की गई। फरा, चिला, ठेठरी-खुरमी जैसे व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए, जिनका विदेशी दर्शकों ने भी स्वाद लिया। वहीं बेल मेटल (ढोकरा कला) और बस्तर की हस्तशिल्प कृतियाँ भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनीं।

प्रवासी भारतीयों का गर्व
परेड में शामिल छत्तीसगढ़ी प्रवासियों ने कहा कि यह उनके लिए अविस्मरणीय क्षण है। उत्तर अमेरिका में रहकर भी अपनी मातृभूमि की संस्कृति को इतने भव्य रूप में देखना गर्व का अनुभव है।
भारतीय राजनयिकों की मौजूदगी
कार्यक्रम में भारतीय राजनयिक भी मौजूद रहे। उन्होंने नाचा की इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन भारत और भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान को मजबूत करते हैं।
सांस्कृतिक एकता का संदेश
इंडिया डे परेड का मुख्य उद्देश्य भारतीय समुदाय को एकजुट करना और उनकी सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करना है। छत्तीसगढ़ की झांकी ने इस उद्देश्य को और भी प्रखर बना दिया।
निष्कर्ष
इंडिया डे परेड 2025 में छत्तीसगढ़ की भव्य झांकी ने न केवल भारतीय प्रवासियों को गर्व का अनुभव कराया बल्कि विदेशी दर्शकों को भी भारतीय संस्कृति की गहराई से परिचित कराया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह प्रस्तुति भारतीय सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव का जीवंत प्रतीक बन गई।
