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छत्तीसगढ़ की बेटी IPS श्वेता चौबे बनीं उत्तराखंड की

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 16 August 2025

छत्तीसगढ़ की बेटी IPS श्वेता चौबे को उत्तराखंड में मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक मिला। “उत्तराखंड की शेरनी” बनकर उन्होंने नारी शक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की।

देहरादून/रायपुर। उत्तराखंड में कार्यरत छत्तीसगढ़ की बेटी और आईपीएस अधिकारी श्वेता चौबे को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति समर्पण के लिए दिया गया। इस सम्मान के साथ ही उन्हें अब “उत्तराखंड की शेरनी” के नाम से पहचान भी मिल रही है।

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उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिली पहचान

IPS श्वेता चौबे ने अपने अब तक के पुलिस करियर में कई जटिल मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया है। चाहे वह अपराध नियंत्रण हो, महिला सुरक्षा की दिशा में पहल हो या फिर समाज को जागरूक करने के अभियान, श्वेता चौबे ने हर क्षेत्र में अपनी अलग छाप छोड़ी है। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने न केवल कई गैंग का पर्दाफाश किया बल्कि युवाओं को अपराध से दूर रखने के लिए भी कदम उठाए।

उत्तराखंड पुलिस में अहम योगदान

श्वेता चौबे इस समय उत्तराखंड पुलिस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनके नेतृत्व और कड़े फैसलों की बदौलत कई बार संगठित अपराध और नशे के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। खासकर महिला अपराधों के खिलाफ उनकी सख्त कार्यवाही ने समाज में सकारात्मक संदेश दिया। यही वजह है कि आम लोग उन्हें अब “शेरनी” कहकर संबोधित करने लगे हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर सम्मान

उत्तराखंड सरकार की ओर से 15 अगस्त को आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईपीएस श्वेता चौबे को “मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक” प्रदान किया। इस अवसर पर राज्यपाल, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात

छत्तीसगढ़ की बेटी श्वेता चौबे की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। प्रदेश के लोग सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार शुभकामनाएं दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ के कई सामाजिक संगठनों और नेताओं ने भी इस सम्मान पर बधाई देते हुए कहा कि श्वेता चौबे की मेहनत और समर्पण भाव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।

महिला शक्ति की मिसाल

IPS श्वेता चौबे आज उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों को निभाने से पीछे नहीं हटतीं। उनका मानना है कि एक पुलिस अधिकारी के लिए सबसे बड़ी पहचान उसकी निष्ठा और ईमानदारी है।

समाज में बढ़ी उम्मीदें

श्वेता चौबे की कार्यशैली और सख्त छवि ने अपराधियों में भय और आम जनता में विश्वास पैदा किया है। लोग उन्हें न केवल एक पुलिस अधिकारी बल्कि समाज सुधारक की तरह देखते हैं।

निष्कर्ष

IPS श्वेता चौबे को मिला यह सम्मान न सिर्फ उनकी मेहनत का परिणाम है बल्कि यह संदेश भी देता है कि ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करने वालों को समाज और सरकार दोनों ही सराहते हैं। “उत्तराखंड की शेरनी” के नाम से पहचानी जाने वाली श्वेता चौबे की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।



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