अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ खेलों में ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ का दर्जा हासिल करेगा। आधुनिक प्रशिक्षण और सुविधाओं से खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर सफलता पाएंगे।
रायपुर।छत्तीसगढ़ के खेल जगत में नई ऊर्जा भरने के लिए राज्य के वरिष्ठ खेल अधिकारी और पदाधिकारी अरुण साव ने कहा है कि खेलों में भी राज्य को ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ का दर्जा दिलाना है। उन्होंने यह विचार राज्य स्तर के खेल कार्यक्रम और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण शिविर में व्यक्त किए।
अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र में बल्कि खेलों में भी अग्रणी बन सकता है। इसके लिए खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर खेल सुविधाएं और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना आवश्यक है।
खेलों में राज्य की पहचान
अरुण साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है, लेकिन अब लक्ष्य यह है कि हर खिलाड़ी अपने खेल में उत्कृष्टता हासिल करे और राज्य का नाम रोशन करे।
उन्होंने कहा कि खेलों में सफलता केवल व्यक्तिगत प्रतिभा पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सरकार और खेल संगठनों के सहयोग, प्रशिक्षकों की विशेषज्ञता और आधुनिक सुविधाओं पर भी निर्भर करती है।
प्रशिक्षण और सुविधाओं पर जोर
छत्तीसगढ़ सरकार और खेल विभाग ने राज्य में खेल स्टेडियम, मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए हैं। अरुण साव ने बताया कि इन केंद्रों में खिलाड़ियों को फिजिकल ट्रेनिंग, मानसिक तैयारी, आहार और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण और बस्तर क्षेत्रों से भी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को ढूंढकर आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में राज्य का प्रतिनिधित्व कर सकें।
युवा प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
अरुण साव ने कहा कि राज्य के युवा खेलों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा साबित कर सकते हैं। इसके लिए विभिन्न जिलों में खेल महाकुंभ, प्रतियोगिताएं और टैलेंट हंट प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि खेल विभाग का उद्देश्य खेलों को एक पेशेवर करियर विकल्प के रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि युवा खेलों में उत्कृष्टता के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त बन सकें।
खेलों के माध्यम से सामाजिक विकास
अरुण साव ने यह भी बताया कि खेलों से सिर्फ खिलाड़ी नहीं बल्कि समाज भी विकसित होता है। खेल से युवा में अनुशासन, टीम वर्क और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। इसके अलावा, खेलों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, फिटनेस और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलता है।
सरकार की प्रतिबद्धता
अरुण साव ने कहा कि सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए नवीनतम तकनीक, कोचिंग और वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। राज्य में खेलों के क्षेत्र में सुधार के लिए विशेष नीतियां और अनुदान भी लागू किए गए हैं।
उन्होंने कहा,
“हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना परचम लहराएं और खेलों में भी ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ की पहचान कायम करें।”
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ के खेलों का भविष्य उज्ज्वल है। श्री अरुण साव के नेतृत्व और राज्य सरकार की नीतियों के माध्यम से खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे राज्य खेलों में नई ऊंचाइयों को छू सकेगा।
राज्य का उद्देश्य न केवल खेलों में सफलता बल्कि खेल संस्कृति को समग्र रूप से बढ़ावा देना है, ताकि युवा और ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य का प्रतिनिधित्व कर सकें।
