रायपुर में छत्तीसगढ़ के धान ने आकर्षित किए उज्बेकिस्तान

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उज्बेकिस्तान के वैज्ञानिक छत्तीसगढ़ पहुंचे और धान की पारंपरिक किस्मों से प्रभावित हुए। उन्होंने इसे कृषि शोध और जलवायु परिवर्तन से निपटने का वैश्विक मॉडल बताया।

रायपुर। छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और इसकी यही पहचान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हो रही है। हाल ही में उज्बेकिस्तान से आए वैज्ञानिकों ने छत्तीसगढ़ के धान उत्पादन और यहां की पारंपरिक किस्मों का गहन अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी और किसानों के अनुभव ने धान की पैदावार और गुणवत्ता को विश्व स्तर पर खास बना दिया है।

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छत्तीसगढ़ में 23 हजार से अधिक धान की पारंपरिक किस्में पाई जाती हैं, जो इसे कृषि के क्षेत्र में विशिष्ट बनाती हैं। उज्बेकिस्तान के वैज्ञानिकों ने बताया कि उनके देश में धान उत्पादन सीमित है, जबकि छत्तीसगढ़ में इसकी खेती वैज्ञानिक पद्धति और परंपरागत ज्ञान के संगम से की जाती है। उन्होंने कहा कि यहां के किसान जिस तरह प्राकृतिक तरीके से खेती करते हैं, वह वैश्विक स्तर पर कृषि शोध के लिए एक मॉडल हो सकता है।

वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि छत्तीसगढ़ की धान किस्में न सिर्फ स्वाद और पोषण में श्रेष्ठ हैं, बल्कि इनमें जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता भी है। उनका कहना था कि बदलते मौसम और पानी की कमी के दौर में छत्तीसगढ़ का अनुभव उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर में कृषि विश्वविद्यालय और धान अनुसंधान केंद्र का भी दौरा किया। उन्होंने किसानों से सीधे मुलाकात कर खेती की तकनीक और बीजों के संरक्षण के बारे में जानकारी ली। इस दौरान कई किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए कि कैसे वे पारंपरिक किस्मों को संरक्षित कर बाजार में बेहतर दाम पा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार का अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान न केवल कृषि तकनीक को बढ़ावा देगा, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को भी मजबूत करेगा। भविष्य में छत्तीसगढ़ से उज्बेकिस्तान के लिए धान बीज और तकनीक निर्यात का रास्ता भी खुल सकता है।

राज्य सरकार ने भी इस पहल को कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे अवसर छत्तीसगढ़ के किसानों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद करेंगे।

इस दौरे ने एक बार फिर यह साबित किया है कि छत्तीसगढ़ का धान केवल देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में आकर्षण का केंद्र है।


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Raja Shakti Raj Singh
Raja Shakti Raj Singhhttps://dabangsuchna.com
राजा शक्ति राज सिंह "दबंग सूचना" के संस्थापक और स्वामी हैं। वे निष्पक्ष, निर्भीक और जन-समर्पित पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। उनका उद्देश्य सच्चाई को आम जनता तक पहुंचाना है। डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में उनका योगदान सराहनीय है और उन्होंने "दबंग सूचना" को विश्वसनीय समाचार स्रोत के रूप में स्थापित किया है।
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