रायगढ़ के शुभम ने ‘आइडल ऑफ छत्तीसगढ़’ प्रतियोगिता जीती, पारंपरिक और आधुनिक गायन से दर्शकों का दिल जीता, मुख्यमंत्री ने दी बधाई।
छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान युवाओं को मंच देने वाली प्रतिष्ठित प्रतियोगिता ‘आइडल ऑफ छत्तीसगढ़’ का समापन समारोह रायपुर में भव्यता के साथ आयोजित किया गया। इस बार प्रतियोगिता के विजेता बने रायगढ़ जिले के शुभम साहू, जिन्होंने अपनी अद्भुत गायन कला, आत्मविश्वास और मंच पर बेहतरीन प्रस्तुति के दम पर निर्णायकों और दर्शकों का दिल जीत लिया।
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शुभम की जीत बनी पूरे रायगढ़ की शान
प्रतियोगिता के अंतिम दौर में शुभम ने पारंपरिक छत्तीसगढ़ी गीत के साथ ही आधुनिक गायन शैली का मिश्रण पेश कर निर्णायकों को प्रभावित किया। शुभम की प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली रही कि दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाकर स्वागत किया। विजेता बनने के बाद शुभम ने कहा, “यह जीत सिर्फ मेरी नहीं, पूरे रायगढ़ और छत्तीसगढ़ की युवा प्रतिभाओं की जीत है।”
आयोजन में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक
आइडल ऑफ छत्तीसगढ़ का उद्देश्य केवल गायन या नृत्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कार्यक्रम राज्य की सांस्कृतिक विरासत, भाषा और कला को आगे बढ़ाने का माध्यम भी है। इस वर्ष प्रतियोगिता में 28 जिलों से 500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
आखिरी मुकाबले में शुभम के साथ-साथ बस्तर की काजल और बिलासपुर के सूरज भी टॉप-3 में शामिल थे। निर्णायक मंडल में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गायक और संगीतकारों के साथ बॉलीवुड से जुड़े विशेषज्ञों ने भी भाग लिया।
मंच से मुख्यमंत्री और मंत्रीगणों ने दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शुभम को बधाई देते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ के युवा कला के क्षेत्र में भी देश का नाम रोशन कर रहे हैं। यह आयोजन एक नई पीढ़ी को प्रोत्साहन देने का सशक्त माध्यम है।” वहीं संस्कृति मंत्री श्री ब्रजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही ऐसे आयोजनों को हर जिले में प्रोत्साहित करेगी।
शुभम का सफर: संघर्ष से सफलता तक
शुभम का सफर आसान नहीं रहा। वे एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं, और बचपन से ही संगीत के प्रति गहरी रुचि रखते थे। बिना किसी पेशेवर प्रशिक्षण के उन्होंने खुद से रियाज़ कर अपनी कला को निखारा। ‘आइडल ऑफ छत्तीसगढ़’ में हिस्सा लेना उनके लिए एक सपना था, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से साकार कर दिखाया।
क्या है ‘आइडल ऑफ छत्तीसगढ़’?
इस प्रतियोगिता का आयोजन हर साल राज्य स्तर पर होता है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की युवा प्रतिभाओं को मंच देना है। इसमें गायन, नृत्य, अभिनय और प्रस्तुति कला जैसे विभिन्न वर्गों में प्रतियोगिता होती है।
पुरस्कार और सम्मान
शुभम को विजेता बनने पर ₹1 लाख की नकद राशि, ट्रॉफी, और आगामी सरकारी सांस्कृतिक आयोजनों में प्रदर्शन का अवसर मिला। साथ ही उन्हें राज्य सरकार की ओर से एक वर्ष के लिए संगीत प्रशिक्षण की स्कॉलरशिप भी दी जाएगी।
आगे की योजना
शुभम अब अपने संगीत करियर को गंभीरता से आगे बढ़ाना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ी संगीत को नई पहचान मिले और युवा पीढ़ी इसे अपनाए। उन्होंने कहा, “मैं छत्तीसगढ़ी लोकगीतों को नए रूप में पेश करना चाहता हूं, जिससे हमारी जड़ें और भी मज़बूत हों।”





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