मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ को 50-50 हजार टन डीएपी और यूरिया का अतिरिक्त आबंटन, किसानों को खरीफ सीजन में समय पर मिलेगा खाद।
छत्तीसगढ़ ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सक्रिय पहल और राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार से डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) और यूरिया का अतिरिक्त आबंटन मिला है। यह निर्णय किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, विशेषकर वर्तमान खरीफ सीजन में, जब समय पर उर्वरकों की उपलब्धता फसल उत्पादन के लिए बेहद जरूरी होती है।
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कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में किसानों की जरूरतों और मौसमी मांग को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की अतिरिक्त आपूर्ति का अनुरोध किया गया। केंद्रीय मंत्री ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए डीएपी और यूरिया के 50-50 हजार टन अतिरिक्त आबंटन की मंजूरी प्रदान की।
कृषि मंत्री नेताम का बयान
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा, “यह मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग का परिणाम है कि हमारे किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक मिलेगा। यह आबंटन प्रदेश के कृषि उत्पादन को बढ़ाने में मदद करेगा।”
उन्होंने बताया कि यह अतिरिक्त आबंटन राज्य के सभी जिलों में संतुलित रूप से वितरित किया जाएगा, ताकि किसी भी किसान को उर्वरक की कमी का सामना न करना पड़े। साथ ही, वितरण प्रक्रिया की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाएगा, जिससे कालाबाजारी और जमाखोरी पर अंकुश लगाया जा सके।
राज्य में उर्वरक की मांग
खरीफ सीजन के दौरान राज्य में धान की बुआई के साथ ही उर्वरकों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। डीएपी और यूरिया धान की खेती में सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले उर्वरक हैं, जो फसल की वृद्धि और उत्पादन में अहम भूमिका निभाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में समय पर आपूर्ति न होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार अतिरिक्त आबंटन से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार किसानों के हित में हर संभव कदम उठा रही है। “किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। अतिरिक्त आबंटन से हमारे किसान निश्चिंत होकर अपनी फसल पर ध्यान दे पाएंगे,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय उर्वरक मंत्री ने छत्तीसगढ़ की कृषि आवश्यकताओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित निर्णय लिया है।
भविष्य की योजना
राज्य सरकार ने उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने की योजना बनाई है। इसके तहत किसानों को मोबाइल एप और पोर्टल के माध्यम से उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण की जानकारी समय पर मिलेगी।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त 50-50 हजार टन डीएपी और यूरिया की आपूर्ति अगले कुछ दिनों में शुरू हो जाएगी। वितरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा, जिसमें पहले उन इलाकों को शामिल किया जाएगा जहां धान की बुआई तेजी से चल रही है।
किसानों की प्रतिक्रिया
धमतरी के किसान अशोक साहू ने कहा, “पिछले साल हमें डीएपी की कमी के कारण काफी मुश्किल हुई थी, लेकिन इस बार अगर समय पर खाद मिल जाएगा तो उत्पादन बेहतर होगा।” इसी तरह, बेमेतरा के किसान गोपाल पटेल ने कहा कि अतिरिक्त आबंटन से गांव-गांव के किसान लाभान्वित होंगे।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ को मिला यह अतिरिक्त आबंटन न केवल किसानों की जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि राज्य के कृषि उत्पादन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। मुख्यमंत्री की पहल और केंद्र के सहयोग से यह निर्णय आने वाले महीनों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान देगा।





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