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छत्तीसगढ़ कांग्रेस शुरू करेगी फर्जी वोटरों की पहचान अभियान

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 27 August 2025

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने फर्जी वोटरों की पहचान के लिए बड़ा अभियान शुरू किया। PCC ने जिलाध्यक्षों को विधानसभा वार मतदाता सूची जांचने का आदेश जारी किया।

रायपुर.छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियों को और तेज करना शुरू कर दिया है। इस बीच कांग्रेस पार्टी ने राज्य में फर्जी वोटरों की पहचान करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची का परीक्षण किया जाएगा।

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छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने सभी जिलाध्यक्षों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि जिले के सभी ब्लॉक और बूथ स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ता मतदाता सूची की बारीकी से जांच करेंगे। यदि कहीं भी फर्जी वोटर, दोहरी प्रविष्टि या संदेहास्पद नाम सामने आते हैं तो उसकी जानकारी तत्काल पार्टी स्तर पर दी जाएगी।

PCC का आदेश

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। कांग्रेस का दावा है कि विपक्षी दल चुनाव को प्रभावित करने के लिए फर्जी वोटरों का सहारा ले सकते हैं। इसी आशंका को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

जिलाध्यक्षों की जिम्मेदारी

निर्देशों के मुताबिक, प्रत्येक जिलाध्यक्ष को अपने जिले की सभी विधानसभा सीटों में टीम गठित करनी होगी। ये टीमें बूथ स्तर पर मतदाता सूचियों का परीक्षण करेंगी और जो भी विसंगतियां सामने आएंगी उनकी रिपोर्ट जिला कांग्रेस कमेटी और PCC को भेजी जाएगी।

राजनीतिक संदेश

विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस का यह कदम केवल तकनीकी पहलू नहीं है, बल्कि राजनीतिक संदेश भी है। पार्टी यह दिखाना चाहती है कि वह चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने के लिए गंभीर है। वहीं विपक्ष इस कदम को कांग्रेस की चुनावी रणनीति का हिस्सा बता रहा है।

विपक्ष का तर्क

भाजपा नेताओं ने इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कांग्रेस अपनी हार को पहले से भांप चुकी है, इसलिए अब वह मतदाता सूचियों पर सवाल उठाकर माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। भाजपा का कहना है कि निर्वाचन आयोग ही मतदाता सूचियों की अंतिम प्रामाणिकता तय करता है, ऐसे में कांग्रेस का यह अभियान केवल राजनीतिक नौटंकी है।

कार्यकर्ताओं की भूमिका

कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के लिए यह अभियान बड़ी जिम्मेदारी वाला है। उन्हें हर बूथ की मतदाता सूची को न केवल पढ़ना और समझना होगा, बल्कि वहां रहने वाले वास्तविक मतदाताओं से मिलकर भी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। पार्टी का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग सूचियों में दर्ज है तो उसे तुरंत चिन्हित किया जाएगा।

निष्पक्ष चुनाव का संकल्प

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत पारदर्शी चुनाव होते हैं। यदि चुनाव में फर्जी वोटर शामिल होंगे तो इसका सीधा असर परिणामों पर पड़ेगा। इसलिए यह जरूरी है कि चुनाव से पहले ही इस समस्या का समाधान कर लिया जाए।

आगे की रणनीति

PCC ने स्पष्ट किया है कि यह रिपोर्ट सीधे केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण को भी भेजी जाएगी, ताकि निर्वाचन आयोग उचित कार्रवाई कर सके। कांग्रेस चाहती है कि राज्य में होने वाले चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी हों।

छत्तीसगढ़ की राजनीति इस समय बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रही है। आगामी चुनावों में छोटे-छोटे अंतर से भी परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में मतदाता सूची की शुद्धता सभी दलों के लिए अहम हो जाती है। कांग्रेस का यह कदम न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का प्रयास भी माना जा रहा है।


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