छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स ने दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर GST की जटिलताओं पर चर्चा की, समाधान और सुधार की मांग रखी।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की एक उच्चस्तरीय टीम ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य के व्यापारियों और उद्योगपतियों द्वारा झेली जा रही GST (वस्तु एवं सेवा कर) से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को सामने रखना और उनके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग करना रहा।
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चैंबर के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री के समक्ष यह स्पष्ट किया कि GST लागू होने के बाद व्यापारियों को कई तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें रिटर्न फाइलिंग की जटिलता, रिफंड की प्रक्रिया में देरी, छोटे कारोबारियों पर अनुपालन का बोझ और ई-वे बिल से जुड़ी कठिनाइयाँ प्रमुख हैं।
प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में व्यापारी छोटे और मध्यम वर्ग के उद्योगों से जुड़े हैं, जिनके पास पर्याप्त संसाधन और तकनीकी दक्षता नहीं है। ऐसे में GST की जटिल प्रक्रिया उनके लिए और अधिक दिक्कतें खड़ी कर रही है। चैंबर ने मांग रखी कि छोटे व्यापारियों और MSME सेक्टर को सरल व्यवस्था और विशेष छूट दी जाए ताकि वे सहजता से कारोबार कर सकें।
बैठक के दौरान चैंबर ने यह भी कहा कि GST परिषद की बैठकों में प्रदेश स्तर के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि राज्य के व्यापारियों की समस्याएं सीधे तौर पर रखी जा सकें। इसके अलावा टैक्स रेट में तार्किक सुधार, कई वस्तुओं पर लागू उच्च कर दरों में कमी और फर्जी बिलिंग रोकने के लिए ठोस नीति बनाने की भी मांग की गई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि मंत्रालय इन बिंदुओं पर संज्ञान लेगा। उन्होंने कहा कि GST प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए केंद्र लगातार काम कर रहा है और आने वाले समय में इस दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए जाएंगे।
चैंबर की टीम ने यह भी सुझाव दिया कि व्यापारियों को GST से संबंधित प्रशिक्षण और कार्यशालाओं के माध्यम से जागरूक किया जाए। इससे छोटे व्यापारियों को नियमों और प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिलेगी और अनजाने में होने वाली गलतियों से बचा जा सकेगा।
बैठक के बाद चैंबर के पदाधिकारियों ने इसे एक सकारात्मक पहल बताया और कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जल्द ही ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य और केंद्र दोनों मिलकर सहयोग करें तो व्यापार जगत को राहत मिलेगी और आर्थिक विकास की गति और तेज होगी।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ चैंबर की टीम की इस पहल से व्यापारियों और उद्योगपतियों की आवाज सीधे केंद्र तक पहुँची है। अब उम्मीद है कि सरकार इन मांगों पर ठोस निर्णय लेकर व्यापार जगत को राहत देगी।
