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CGMSC घोटाला: शशांक चोपड़ा की 40 करोड़ संपत्ति जब्त

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 5 August 2025

ईडी ने CGMSC घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी शशांक चोपड़ा और उनके परिजनों की 40 करोड़ की संपत्ति जब्त की। जांच जारी।

रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा और उनके परिवार की करीब 40 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां जब्त कर ली हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।

क्या है मामला?

छत्तीसगढ़ में CGMSC द्वारा किए गए मेडिकल उपकरणों और दवाओं की खरीद में भारी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। जांच में सामने आया कि मोक्षित कॉर्पोरेशन समेत कई फर्मों ने नियमों को दरकिनार करते हुए ऊंची दरों पर सप्लाई दी और करोड़ों रुपये का घोटाला किया।

ED की कार्रवाई

ईडी ने अपनी जांच में पाया कि शशांक चोपड़ा और उनके परिवार ने फर्जी कंपनियों के माध्यम से मोटी रकम इधर-उधर की और अवैध रूप से अर्जित की गई राशि को संपत्तियों में निवेश किया। इन संपत्तियों में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में स्थित फ्लैट्स, बंगले, कमर्शियल बिल्डिंग और बैंक अकाउंट्स शामिल हैं।

ईडी के मुताबिक, शशांक चोपड़ा ने लाभ का बड़ा हिस्सा अपने परिजनों के नाम पर ट्रांसफर किया था ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बचा जा सके। लेकिन ईडी की वित्तीय जांच में सारे लिंक उजागर हो गए।

40 करोड़ की संपत्तियां सीज

इस कार्रवाई में जो संपत्तियां जब्त की गई हैं, उनमें:

  • रायपुर स्थित एक लग्जरी विला (12 करोड़ की अनुमानित कीमत)
  • दुर्ग जिले में 3 कमर्शियल प्लॉट्स
  • परिजनों के नाम पर खोले गए बैंक खातों में जमा राशि (करीब 8 करोड़ रुपये)
  • 5 लग्जरी गाड़ियां (Audi, BMW समेत)
  • शेयर मार्केट में किए गए 3 करोड़ के निवेश

राजनीतिक हलचल

इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है। विपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इतने वर्षों तक यह घोटाला कैसे दबा रहा? वहीं सत्तारूढ़ पार्टी का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

शशांक चोपड़ा कौन हैं?

शशांक चोपड़ा एक जाने-माने कारोबारी हैं जो पिछले एक दशक से मेडिकल उपकरणों की सप्लाई में सक्रिय हैं। बताया जाता है कि उन्हें पूर्व सरकार के दौरान कई सरकारी टेंडर मिले थे, जिनमें नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गईं।

भविष्य की जांच

ईडी की कार्रवाई के बाद अब आयकर विभाग और सीबीआई भी इस मामले में सक्रिय हो गई है। संभावना है कि अन्य कंपनियों और अधिकारियों के नाम भी जल्द ही इस जांच के दायरे में आएंगे। साथ ही इस घोटाले से जुड़े कुछ पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी भी हो रही है।

जनता की प्रतिक्रिया

राज्यभर में इस घोटाले को लेकर आम लोगों में आक्रोश है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार इस घोटाले में शामिल सभी लोगों को सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। मेडिकल सुविधाओं की बदहाली के बीच इस तरह के घोटालों को जनता देशद्रोह की तरह देख रही है।

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