रायपुर में महिला TI पर पीड़िता को पीटने और 50 हजार घूस लेने का आरोप, FIR दर्ज; SI और कांस्टेबल भी आरोपी।
रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पूर्व महिला थाना प्रभारी (TI) पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि महिला-TI ने एक पीड़िता महिला को थाने में डंडे और बेल्ट से बेरहमी से पीटा, साथ ही मामले में 50 हजार रुपये की घूस लेने का भी खुलासा हुआ है। पुलिस विभाग की आंतरिक जांच और पीड़िता की शिकायत के बाद इस महिला अफसर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस पूरे मामले में दो अन्य पुलिसकर्मी — एक सब-इंस्पेक्टर (SI) और एक कांस्टेबल भी आरोपी बनाए गए हैं।
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क्या है पूरा मामला?
यह घटना रायपुर के एक महिला थाने की है, जहां पीड़िता किसी पारिवारिक विवाद की शिकायत लेकर पहुंची थी।
- पीड़िता ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने न केवल उसके साथ बदसलूकी की, बल्कि थाने में ले जाकर उसे डंडे और बेल्ट से पीटा।
- यही नहीं, समझौता कराने के नाम पर महिला TI और उसके सहयोगियों ने 50 हजार रुपये की रिश्वत भी मांगी।
- आरोप है कि रकम देने के बावजूद न तो कार्रवाई की गई और न ही महिला को न्याय मिला।
FIR दर्ज, जांच शुरू
पुलिस मुख्यालय में शिकायत पहुंचने के बाद मामला गंभीर मानते हुए तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
- FIR में महिला TI, एक SI और एक कांस्टेबल को नामजद किया गया है।
- तीनों पर धारा 323 (मारपीट), 384 (जबरन वसूली), 506 (धमकी) सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हुआ है।
पीड़िता का बयान
पीड़िता का कहना है,
सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट अहम सबूत
पीड़िता ने घटना के बाद मेडिकल जांच करवाई, जिसमें चोट के निशान दर्ज हुए।
- इसके साथ ही, थाने के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांच का हिस्सा बनाई गई है।
- प्रारंभिक जांच में महिला TI की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद FIR दर्ज की गई।
आरोपी महिला TI का तबादला पहले ही हो चुका था
बताया जा रहा है कि आरोपी महिला TI का कुछ महीने पहले ही तबादला कर दिया गया था, लेकिन उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई थी।
- अब जब पीड़िता ने लिखित शिकायत दर्ज करवाई और जांच में गंभीर तथ्य सामने आए, तब जाकर मामला दर्ज किया गया।
पुलिस विभाग पर सवाल
इस घटना के बाद रायपुर पुलिस विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
- महिला सुरक्षा के नाम पर बने थाने में ही यदि महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार हो, तो आम जनता की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो जाता है।
- महिला आयोग और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का बयान
रायपुर रेंज के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
सामाजिक संगठनों का विरोध प्रदर्शन
इस मामले के उजागर होते ही सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने थाने के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
- प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह घटना पुलिस की आंतरिक जवाबदेही प्रणाली की विफलता है।
- उन्होंने मांग की कि आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए और पीड़िता को सुरक्षा प्रदान की जाए।
आगे क्या होगा?
- FIR दर्ज होने के बाद आरोपी महिला TI और अन्य पुलिसकर्मियों को पूछताछ के लिए जल्द बुलाया जाएगा।
- विभागीय जांच के साथ-साथ मजिस्ट्रेट स्तर की स्वतंत्र जांच की मांग भी उठाई जा रही है।
- यदि दोष साबित हुआ तो न केवल सेवा से बर्खास्तगी बल्कि जेल की सजा भी संभव है।
