देवघर रोड पर कांवड़ियों की बस और ट्रक में भीषण टक्कर हुई, जिसमें 18 की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हुए।
झारखंड। देवघर जिले से एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक और कांवड़ियों से भरी बस के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घटना सोमवार देर रात की है जब बस सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की ओर जा रही थी।
हादसे का विवरण
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा देवघर-भागलपुर रोड पर हुआ। बस में सवार सभी यात्री कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालु थे, जो झारखंड के विभिन्न जिलों से बाबा धाम जा रहे थे। रात के अंधेरे में विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक ने बस को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और कई यात्री अंदर ही फंस गए।
मौके पर मचा कोहराम
टक्कर के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग सबसे पहले मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू कार्य शुरू किया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने मोर्चा संभाला। JCB मशीनों की मदद से बस के भीतर फंसे शवों और घायलों को निकाला गया।
प्रशासन और अस्पताल की स्थिति
घायलों को फौरन नजदीकी सदर अस्पताल और देवघर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जहां कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख का मुआवजा और घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री और प्रशासन की प्रतिक्रिया
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा, “देवघर में हुई दुर्घटना अत्यंत दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि राहत और बचाव कार्य में कोई कोताही न हो।”
जांच के आदेश
प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। यह देखा जा रहा है कि क्या दुर्घटना चालक की लापरवाही या ओवरलोडिंग के कारण हुई। ट्रक ड्राइवर मौके से फरार बताया जा रहा है, उसकी तलाश जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बस काफी धीमी गति से चल रही थी और यात्री भजन-कीर्तन कर रहे थे। अचानक ट्रक ने सामने से आकर भीषण टक्कर मार दी। कई लोग बस की सीटों में फंस गए, जिन्हें निकालने में घंटों लग गए।
मृतकों की पहचान जारी
प्रशासन द्वारा मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। अब तक 12 लोगों की पहचान हो चुकी है, जिनमें अधिकांश बिहार और झारखंड के श्रद्धालु हैं।
निष्कर्ष में: यह हादसा सिर्फ एक ट्रैफिक दुर्घटना नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़े कई परिवारों के जीवन में त्रासदी बनकर आया है। ऐसे हादसे हमारे सिस्टम और सड़क सुरक्षा की अनदेखी पर बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन को विशेष प्रबंध करने होंगे ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों।
