छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा शुल्क बढ़ाने का आदेश जारी किया, आगामी सत्र से नई दरें लागू होंगी, छात्रों पर पड़ेगा असर।
रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) और हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) बोर्ड परीक्षाओं की परीक्षा शुल्क में वृद्धि का आदेश जारी कर दिया है। यह नई दरें आगामी परीक्षा सत्र से लागू होंगी। बोर्ड के इस फैसले से प्रदेश भर के लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर सीधा असर पड़ने वाला है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी सूचना के अनुसार परीक्षा संचालन, मूल्यांकन प्रक्रिया, ऑनलाइन आवेदन प्रणाली, उत्तरपुस्तिका जांच, गोपनीय सामग्री की छपाई तथा परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं में बढ़ती लागत को देखते हुए परीक्षा शुल्क में संशोधन किया गया है।
शिक्षा मंडल का तर्क
बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से परीक्षा शुल्क में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया था, जबकि परीक्षा प्रक्रिया में लगातार तकनीकी सुधार और व्यवस्थागत खर्च बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में बोर्ड के लिए पुराने शुल्क पर परीक्षा संचालन करना कठिन हो गया था।
मंडल का मानना है कि नई शुल्क संरचना से परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा।
छात्रों और अभिभावकों पर असर
प्रदेश में हर वर्ष हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं में लगभग लाखों छात्र शामिल होते हैं। फीस बढ़ने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का विषय बन गई है।
अभिभावकों का कहना है कि पहले ही पढ़ाई, कोचिंग, किताबों और अन्य शैक्षणिक खर्चों में बढ़ोतरी हो रही है, ऐसे में परीक्षा फीस में इजाफा छात्रों पर अतिरिक्त दबाव पैदा करेगा।
स्कूल प्रबंधन की प्रतिक्रिया
कई निजी और शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों ने भी बोर्ड के इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि फीस बढ़ाने से पहले विद्यार्थियों की आर्थिक स्थिति और स्कूलों के माध्यम से पहले से वसूले जा रहे अन्य शुल्कों पर भी विचार किया जाना चाहिए था।
स्कूल प्रबंधन का सुझाव है कि कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए विशेष छूट या राहत व्यवस्था की घोषणा भी की जानी चाहिए।
कब से लागू होंगी नई दरें
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बढ़ी हुई परीक्षा फीस आगामी बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया से ही प्रभावी होगी। यानी अब जो छात्र हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की परीक्षा के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें नई दरों के अनुसार शुल्क जमा करना होगा।
बोर्ड परीक्षा की तैयारियों पर असर नहीं
मंडल अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि परीक्षा शुल्क में वृद्धि का बोर्ड परीक्षाओं की समय-सारणी, मूल्यांकन प्रक्रिया या परिणाम की घोषणा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सभी परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी।
शिक्षा संगठनों ने जताई आपत्ति
छात्र संगठनों और कुछ शिक्षक संगठनों ने परीक्षा फीस बढ़ाने के निर्णय पर आपत्ति जताई है। संगठनों का कहना है कि सरकार को शिक्षा को सुलभ बनाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए, न कि शुल्क बढ़ाकर छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना चाहिए।
कई संगठनों ने राज्य सरकार और माध्यमिक शिक्षा मंडल से मांग की है कि फीस वृद्धि के फैसले की पुनः समीक्षा की जाए और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की जाए।
डिजिटल व्यवस्था और लागत का हवाला
बोर्ड का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन प्रणाली, डेटा प्रबंधन, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, गोपनीय सामग्री की सुरक्षा, मूल्यांकन कार्य में आधुनिक तकनीक के उपयोग और कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि के कारण खर्च काफी बढ़ गया है। इन्हीं कारणों से परीक्षा शुल्क में संशोधन अपरिहार्य हो गया था।
भविष्य में और सुधार की योजना
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में कई नए कदम उठाए जाएंगे, जिसमें डिजिटल ट्रैकिंग, आंसर शीट स्कैनिंग सिस्टम और केंद्रीकृत मूल्यांकन व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
