बिलासपुर में भारी बारिश से तबाही, रिटायर्ड प्रोफेसर की करंट से मौत, 9 लोग बह गए, कई इलाके जलमग्न, प्रशासन ने रेस्क्यू कार्य तेज किए।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बाढ़ जैसे हालात के बीच जिले के अलग-अलग हिस्सों से दुखद खबरें सामने आई हैं। एक ओर जहां रिटायर्ड प्रोफेसर की करंट लगने से मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर 9 लोग बह गए हैं, जिनमें से कुछ की तलाश अब भी जारी है।
इस बारिश ने जहां प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं आम जनता को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
करंट लगने से प्रोफेसर की मौत
बिलासपुर के लिंक रोड इलाके में रहने वाले एक रिटायर्ड कॉलेज प्रोफेसर की करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज बारिश के कारण उनके घर में पानी भर गया था। घर की वायरिंग में लीक हो रही करंट की चपेट में आकर प्रोफेसर की मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि बिजली विभाग को समय रहते सूचित किया गया था, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। जब तक बिजली काटी जाती, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
स्थानीय लोगों में आक्रोश है और वे बिजली विभाग की लापरवाही को इस मौत का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
9 लोग बह गए तेज बहाव में
विभिन्न स्थानों पर बारिश से नाले और छोटे नदी-नाले उफान पर हैं। अलग-अलग इलाकों से 9 लोगों के बहने की खबर आई है।
इनमें से 5 लोगों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, लेकिन 4 लोग अब भी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को लगाया गया है।
कहां-कहां से बहने की खबरें आईं:
- तखतपुर: एक महिला और बच्चा तेज बहाव में बह गए। महिला को बचा लिया गया लेकिन बच्चा लापता है।
- बेलतरा: 3 मजदूर निर्माण कार्य से लौटते समय बह गए, 2 सुरक्षित निकले, 1 की तलाश जारी।
- सरकंडा: जलभराव से बचने की कोशिश में एक युवक नाले में गिर गया, अब तक नहीं मिला।
शहर के कई हिस्सों में जलभराव
लगातार हो रही बारिश ने बिलासपुर शहर की नाली और ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खोल दी है। कई कॉलोनियों में पानी घरों में घुस गया है। स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी है।
मुख्य प्रभावित क्षेत्र:
- नेहरू नगर
- लिंक रोड
- सरकंडा
- जुना बिलासपुर
सड़कें जलमग्न हैं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। कई दुकानों और मकानों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को भारी नुकसान हुआ है।
प्रशासन ने बचाव और राहत कार्य तेज किए
बिलासपुर प्रशासन ने जलभराव वाले क्षेत्रों में बोट्स और रेस्क्यू टीमें तैनात की हैं। कलेक्टर ने आपदा नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे एक्टिव रखने के आदेश दिए हैं।
SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें जलमग्न इलाकों से लोगों को निकाल रही हैं। कुछ क्षेत्रों में नावों के सहारे दूध और जरूरी सामान की आपूर्ति की जा रही है।
बिजली और नेटवर्क सेवा बाधित
शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति 12 से 18 घंटे तक बाधित रही। मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी भी प्रभावित हुई है।
बिजली विभाग का कहना है कि सुरक्षा कारणों से बिजली काटी गई, ताकि कोई और दुर्घटना न हो।
भविष्य की स्थिति: और बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। बिलासपुर, कोरबा और मुंगेली जिलों को रेड अलर्ट पर रखा गया है।
शहरवासियों से अपील की गई है कि:
- घरों से अनावश्यक बाहर न निकलें
- जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें
- बिजली के उपकरणों का सावधानी से उपयोग करें
राजनीतिक प्रतिक्रिया और स्थानीय नाराजगी
घटना के बाद विपक्ष ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। पूर्व विधायक ने कहा:
वहीं, स्थानीय निवासियों का कहना है कि कॉलोनियों में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है और शिकायतों के बावजूद नगर निगम ने कोई स्थायी कदम नहीं उठाया।
