रायगढ़ स्थित एनटीपीसी प्लांट में बड़ा हादसा, एक मजदूर की मौत, चार घायल। सुरक्षा में लापरवाही के आरोप, जांच शुरू, मजदूर यूनियन में आक्रोश।
रायगढ़, छत्तीसगढ़ – छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले स्थित एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन) के लारा थर्मल पावर प्लांट में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। प्लांट में काम के दौरान एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।
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कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब मजदूर प्लांट की चिमनी के पास मेंटेनेंस का कार्य कर रहे थे। अचानक एक भारी मशीन का हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में पांच मजदूर आ गए। हादसा इतना भयावह था कि एक मजदूर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि बाकी चार को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों को फौरन नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
प्रशासन और कंपनी का रवैया
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं, कंपनी ने आंतरिक जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। एनटीपीसी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है और मृतक के परिवार को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों में रोष
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और मजदूर यूनियन ने प्लांट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। यूनियन का कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी और मजदूरों को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के खतरनाक जगहों पर काम करने के लिए भेजा जा रहा था।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक और विपक्षी दलों के नेताओं ने मौके का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने इस हादसे को ‘प्रशासन और प्रबंधन की लापरवाही का परिणाम’ बताया और पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जांच और सुरक्षा उपायों की मांग
फिलहाल घटना की जांच चल रही है। यह पहला मौका नहीं है जब एनटीपीसी जैसे बड़े सार्वजनिक उपक्रम में इस तरह की लापरवाही सामने आई हो। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी परियोजनाओं में सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और श्रमिकों को प्रशिक्षित करने के साथ-साथ सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्यता होनी चाहिए।


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