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भारतमाला मुआवजा घोटाला: ईडी नौ ठिकानों पर छापे

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 30 December 2025

भारतमाला मुआवजा घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई। रायपुर–महासमुंद के 9 ठिकानों पर छापे, तत्कालीन एसडीएम सहित कई संदिग्ध जांच के घेरे में।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर और महासमुंद जिले में कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इन ठिकानों में एक तत्कालीन एसडीएम, राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी, दलाल और मुआवजा वितरण से जुड़े कुछ निजी व्यक्तियों के ठिकाने शामिल बताए जा रहे हैं। ईडी की इस कार्रवाई से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

सूत्रों के अनुसार, भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीनों के मुआवजे में बड़े पैमाने पर अनियमितता की शिकायतें सामने आई थीं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों, गलत मूल्यांकन और अपात्र लोगों को लाभ पहुंचाकर करोड़ों रुपये का मुआवजा निकाला गया। इसी मामले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच तेज की है।

एक साथ कई ठिकानों पर कार्रवाई

ईडी की टीमें सुबह-सुबह रायपुर और महासमुंद के विभिन्न इलाकों में पहुंचीं और एक साथ छापेमारी शुरू की। कार्रवाई के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड, डिजिटल डाटा और लेन-देन से संबंधित कागजात खंगाले गए। बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों से संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं।

तत्कालीन एसडीएम पर भी जांच की आंच

इस मामले में एक तत्कालीन एसडीएम का नाम सामने आना जांच को और गंभीर बना रहा है। आरोप है कि भूमि अधिग्रहण और मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखकर फाइलें पास की गईं। ईडी यह जांच कर रही है कि घोटाले से अर्जित धन को कहां-कहां निवेश किया गया और किन-किन लोगों को इसका लाभ मिला।

करोड़ों के घोटाले की आशंका

प्रारंभिक जांच में मुआवजा घोटाले की राशि करोड़ों रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले भी राज्य में भारतमाला परियोजना को लेकर गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। अब ईडी की एंट्री के बाद मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

बढ़ सकती है कार्रवाई

ईडी सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई अभी शुरुआती चरण में है। छापेमारी के बाद पूछताछ और दस्तावेजों के विश्लेषण के आधार पर आगे और लोगों को समन जारी किया जा सकता है। यदि मनी लॉन्ड्रिंग के ठोस सबूत मिले, तो गिरफ्तारी की कार्रवाई से भी इनकार नहीं किया जा रहा।

भारत सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना में इस तरह के घोटाले सामने आने से प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, ईडी की इस कार्रवाई पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं और आने वाले दिनों में मामले में बड़े खुलासों की उम्मीद की जा रही है।

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