रायपुर में कृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई। इस्कॉन मंदिर में 1100 किलो मालपुआ बना, हजारों भक्तों ने दर्शन और प्रसाद का आनंद लिया।
रायपुर। राजधानी रायपुर में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में भव्य सजावट, झांकियां और भक्ति संगीत की गूंज ने माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। मंदिरों में भक्तों का जनसैलाब उमड़ा, वहीं इस्कॉन मंदिर में विशेष आकर्षण रहा 1100 किलो मालपुआ, जिसे भगवान श्रीकृष्ण को भोग के रूप में अर्पित किया गया।
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इस्कॉन मंदिर में विशेष आकर्षण
हर साल की तरह इस बार भी इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी का आयोजन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। मंदिर प्रांगण को फूलों और लाइटिंग से सजाया गया था। राधा-कृष्ण की झांकी और नंदोत्सव की तैयारियों ने भक्तों का मन मोह लिया। इस बार सबसे खास रहा 1100 किलो मालपुआ का प्रसाद, जिसे हजारों भक्तों में वितरित किया गया।
श्रद्धालुओं का जनसैलाब
सुबह से ही श्रद्धालु मंदिरों की ओर उमड़ने लगे। कई मंदिरों में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लिया। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी पारंपरिक परिधान पहनकर भगवान श्रीकृष्ण की झलक पाने पहुंचे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और झांकियां
शहरभर में जगह-जगह भजन संध्या, कृष्ण लीला और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। झांकियों में श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, गोवर्धन लीला, माखन चोरी और रासलीला को दर्शाया गया। इन झांकियों ने भक्तों को भावविभोर कर दिया।
सुरक्षा और व्यवस्था
भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने विशेष इंतजाम किए। प्रमुख मंदिरों के बाहर सुरक्षा बल तैनात रहे। यातायात व्यवस्था भी नियंत्रित की गई ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
भक्ति और उल्लास का संगम
कृष्ण जन्माष्टमी ने राजधानी में भक्ति और उल्लास का ऐसा संगम रचा कि पूरा शहर कृष्णमय हो गया। हर घर, हर गली और मंदिर में श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे। इस्कॉन मंदिर में बना 1100 किलो मालपुआ इस आयोजन की खास पहचान बन गया, जो श्रद्धालुओं के बीच लंबे समय तक चर्चा में रहेगा।
