दक्षिण कोरिया से सीएम साय ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर बस्तर बाढ़ प्रभावितों को हर संभव मदद के निर्देश दिए। राहत शिविरों, भोजन, दवाइयों और बचाव कार्यों पर जोर।
रायपुर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस समय दक्षिण कोरिया के दौरे पर हैं, लेकिन प्रदेश में बाढ़ की स्थिति पर वे लगातार नज़र बनाए हुए हैं। मंगलवार देर शाम उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रायपुर स्थित आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम और बस्तर जिला प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बस्तर और आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर प्रभावित परिवार तक समय पर भोजन, दवाइयां और जरूरी सहायता सामग्री पहुंचनी चाहिएRead it lpud
बाढ़ से बिगड़े हालात, कई गांव डूबान की चपेट में
पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के कारण बस्तर संभाग के कई इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं। नदी-नालों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है, जिससे दर्जनों गांव डूबान की स्थिति में आ गए हैं। कई जगह सड़कें कट जाने से यातायात बाधित हो गया है और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मुख्यालय से टूट गया है। प्रशासन ने तत्काल राहत शिविर स्थापित कर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
सीएम साय का स्पष्ट संदेश – “लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता”
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा – “यह समय लोगों के साथ खड़े होने का है। हमारी पहली जिम्मेदारी है कि किसी भी परिवार को भूखा न रहना पड़े और उन्हें सुरक्षित आश्रय मिले। प्रशासन और राहत दल पूरी तत्परता से काम करें, मैं यहां से लगातार मॉनिटरिंग कर रहा हूं।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक राहत शिविर में पर्याप्त मात्रा में राशन, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों की विशेष देखभाल करने पर बल दिया।
आपदा प्रबंधन दल सक्रिय
बस्तर जिला प्रशासन ने SDRF और NDRF की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया है। नावों के जरिए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने मोबाइल मेडिकल टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा है, ताकि बाढ़ के बाद संभावित बीमारियों पर तत्काल नियंत्रण पाया जा सके।
मुख्यमंत्री का विदेश से निगरानी करना चर्चा में
यह पहली बार है जब मुख्यमंत्री साय विदेश दौरे के दौरान भी सीधे आपदा प्रबंधन की कमान संभाल रहे हैं। दक्षिण कोरिया में निवेश को लेकर चल रही बैठकों के बीच उन्होंने समय निकालकर बस्तर की स्थिति की जानकारी ली। उनके इस कदम को विपक्ष ने “जिम्मेदार नेतृत्व” बताते हुए सराहा, वहीं कुछ राजनीतिक दलों ने सवाल भी उठाए कि मुख्यमंत्री को इस परिस्थिति में विदेश दौरा टालना चाहिए था। हालांकि आम जनता के बीच राहत सामग्री और तेज़ प्रशासनिक प्रतिक्रिया से भरोसा मजबूत हुआ है।
राहत सामग्री वितरण में तेजी
बस्तर के कलेक्टर ने जानकारी दी कि अब तक सैकड़ों प्रभावित परिवारों तक सूखा राशन, कंबल और दवाइयां पहुंचाई जा चुकी हैं। वहीं, जिन गांवों का संपर्क टूटा हुआ है, वहां हेलीकॉप्टर से सामग्री पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस पर संतोष जताते हुए कहा कि “किसी भी हाल में राहत कार्य बाधित नहीं होना चाहिए।”
विपक्ष का रुख और सरकार की प्रतिक्रिया
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए विपक्षी दलों ने सरकार से और अधिक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बस्तर के ग्रामीणों की समस्याएं बेहद गंभीर हैं और तत्काल दीर्घकालिक समाधान की योजना बनाई जानी चाहिए। वहीं, सत्तारूढ़ दल का कहना है कि सरकार ने तेजी से कदम उठाए हैं और सभी प्रभावितों तक मदद पहुंचाई जाएगी।
बस्तर के लोगों में राहत की उम्मीद
राहत शिविरों में रह रहे लोगों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि शुरुआती दिक्कतें थीं लेकिन अब भोजन और दवाइयां मिलने लगी हैं। बच्चों के लिए दूध और बिस्किट जैसी चीजें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि सरकार लगातार ध्यान देगी तो हालात जल्द सुधर जाएंगे।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया से बस्तर की बाढ़ पर त्वरित प्रतिक्रिया देकर यह संदेश दिया है कि चाहे वे कहीं भी हों, प्रदेश की जनता उनके लिए सर्वोपरि है। अब देखना होगा कि प्रशासन कितनी तेजी और मजबूती से इस चुनौती से निपट पाता है और प्रभावित परिवारों को स्थायी राहत दिला पाता है।
