सिडनी एशेज टेस्ट के पहले दिन बारिश के कारण 45 ओवर का खेल, इंग्लैंड 211/3; जो रूट और हैरी ब्रुक की नाबाद शतकीय साझेदारी।
स्पोर्ट्स डेस्क। एशेज सीरीज के सिडनी टेस्ट के पहले दिन बारिश और खराब रोशनी के कारण केवल 45 ओवर का ही खेल हो सका। दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 3 विकेट के नुकसान पर 211 रन बना लिए थे। टीम के लिए जो रूट और हैरी ब्रुक के बीच नाबाद शतकीय साझेदारी ने इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने शुरुआती झटकों के बावजूद संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। शुरुआती विकेट गिरने के बाद जो रूट और हैरी ब्रुक ने पारी को संभालते हुए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर दबाव बनाया।
रूट-ब्रुक की शानदार साझेदारी
जो रूट ने अपने अनुभव का परिचय देते हुए क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी की और खराब परिस्थितियों में भी रन बटोरते रहे। वहीं, हैरी ब्रुक ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए तेजी से रन बनाए। दोनों के बीच तीसरे दिन के अंत तक 100 से अधिक रनों की नाबाद साझेदारी हो चुकी थी, जिसने इंग्लैंड को मजबूत आधार दिया।
रूट ने सटीक शॉट चयन के साथ ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की लाइन-लेंथ को बिगाड़ा, जबकि ब्रुक ने फुल लेंथ और ढीली गेंदों पर आक्रामक प्रहार किए। दोनों बल्लेबाजों ने संयम के साथ रन गति को बनाए रखा।
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को मिली सीमित सफलता
ऑस्ट्रेलिया की ओर से शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों ने कुछ स्विंग और सीम मूवमेंट हासिल की, जिससे इंग्लैंड के तीन विकेट गिरे। हालांकि, इसके बाद रूट और ब्रुक की जोड़ी को तोड़ने में गेंदबाज नाकाम रहे। सीमित ओवरों के कारण ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को लंबा स्पेल डालने का मौका नहीं मिला।
बारिश और खराब रोशनी के चलते खेल कई बार रोका गया, जिससे लय प्रभावित हुई। आखिरकार अंपायरों ने समय से पहले ही दिन का खेल समाप्त घोषित कर दिया।
इंग्लैंड की मजबूत शुरुआत
पहले दिन के सीमित खेल के बावजूद इंग्लैंड ने ठोस शुरुआत की है। 211/3 का स्कोर इंग्लैंड को दूसरे दिन बड़े स्कोर की ओर बढ़ने का मौका देता है। अगर रूट और ब्रुक इसी लय में बल्लेबाजी जारी रखते हैं, तो इंग्लैंड पहली पारी में मजबूत बढ़त हासिल कर सकता है।
दूसरे दिन मौसम पर सभी की नजरें रहेंगी। ऑस्ट्रेलिया की कोशिश होगी कि वह जल्दी विकेट निकालकर इंग्लैंड को बड़े स्कोर से रोके, जबकि इंग्लैंड इस साझेदारी को और आगे ले जाना चाहेगा।
