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जब तक सांस है तिरंगे की शान बरकरार रहेगी

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 14 August 2025

मोर तिरंगा, मोर अभिमान’ अभियान में देशभक्ति की लहर, नागरिक का संकल्प — तिरंगे की शान में कभी कमी नहीं आने देंगे।

रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूरे देश में देशभक्ति की लहर है। हर गली, हर मोहल्ला और हर गांव में तिरंगे की शान देखने को मिल रही है। इस माहौल में एक नागरिक का यह संदेश — “जब तक सांस चलेगी, तिरंगे की शान में कोई कमी नहीं आने देंगे, मोर तिरंगा मोर अभिमान — यही है मेरी जान” — लोगों के दिलों में गूंज रहा है।

यह संदेश न केवल एक व्यक्ति की भावना है, बल्कि करोड़ों भारतीयों की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो अपने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के लिए समर्पित हैं।

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मोर तिरंगा, मोर अभिमान अभियान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में ‘मोर तिरंगा, मोर अभिमान’ नाम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को तिरंगे के महत्व और उसके सम्मान के प्रति जागरूक करना है।
अभियान के तहत लोग अपने घरों, दुकानों, कार्यालयों और वाहनों पर तिरंगा फहरा रहे हैं। साथ ही, सोशल मीडिया पर तिरंगे के साथ अपनी तस्वीरें और देशभक्ति संदेश साझा कर रहे हैं।


जनभागीदारी और उत्साह

अभियान की खास बात यह है कि इसमें हर आयु वर्ग के लोग भाग ले रहे हैं। बच्चे पेंटिंग और निबंध प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर तिरंगे के महत्व को चित्र और शब्दों में व्यक्त कर रहे हैं, वहीं बुजुर्ग अपने अनुभव और स्वतंत्रता संग्राम की कहानियां सुनाकर नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहे हैं।
गांव-गांव में प्रभात फेरी, बाइक रैली और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है।


तिरंगे का महत्व

भारत का राष्ट्रीय ध्वज केवल एक कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, एकता और बलिदान का प्रतीक है। इसका प्रत्येक रंग और अशोक चक्र हमारी संस्कृति और आदर्शों को दर्शाता है —

  • केसरिया: साहस और बलिदान
  • सफेद: शांति और सत्य
  • हरा: समृद्धि और विकास
  • अशोक चक्र: प्रगति और धर्म का पहिया

देशभक्ति की लहर

‘मोर तिरंगा, मोर अभिमान’ के नारे ने लोगों में नया जोश भर दिया है। स्वतंत्रता दिवस के निकट आते ही बाजारों में तिरंगे, बैज, बैंड और पोस्टर की मांग बढ़ गई है। स्कूल और कॉलेजों में विशेष समारोह हो रहे हैं, जहां छात्र-छात्राएं देशभक्ति गीत गा रहे हैं और नाटकों के माध्यम से आज़ादी के इतिहास को जीवंत कर रहे हैं।


सोशल मीडिया पर देशभक्ति

डिजिटल युग में यह अभियान सोशल मीडिया पर भी छा गया है। लोग #MeraTirangaMeraAbhiman और #HarGharTiranga जैसे हैशटैग का उपयोग कर देशभक्ति संदेश फैला रहे हैं। इंस्टाग्राम, फेसबुक और ट्विटर पर तिरंगे के साथ लाखों पोस्ट और वीडियो सामने आ चुके हैं।


प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका

राज्य सरकार और विभिन्न स्वयंसेवी संगठन इस अभियान को सफल बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। गांवों में तिरंगे वितरित किए जा रहे हैं और सार्वजनिक स्थलों पर ध्वजारोहण के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।


एक नागरिक की प्रेरणादायक प्रतिज्ञा

जिस नागरिक के शब्द — “जब तक सांस चलेगी, तिरंगे की शान में कोई कमी नहीं आने देंगे” — अब लोगों की जुबान पर हैं, उन्होंने इसे केवल व्यक्तिगत भावना नहीं, बल्कि जीवन का संकल्प बताया है। उनका मानना है कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना हर भारतीय का कर्तव्य है और यह कर्तव्य जीवनभर निभाया जाना चाहिए।


भविष्य के लिए संदेश

इस तरह के अभियान और भावनाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनते हैं। तिरंगे का सम्मान केवल राष्ट्रीय पर्व पर नहीं, बल्कि हर दिन होना चाहिए।
तिरंगे की शान और देश की एकता को बनाए रखने के लिए सभी नागरिकों को जागरूक, जिम्मेदार और सक्रिय रहना जरूरी है।


निष्कर्ष

‘मोर तिरंगा, मोर अभिमान’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक आंदोलन बन चुका है, जो हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की ज्योत जलाए हुए है। जब तक सांस है, तिरंगे की शान में कोई कमी नहीं आने देना, यही संकल्प देश को और मजबूत बनाएगा।





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