होली के मद्देनजर रायपुर के अम्बेडकर अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती, ट्रॉमा, आई और बर्न यूनिट पूरी तरह अलर्ट।
रायपुर। होली पर्व के मद्देनज़र राजधानी स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल हॉस्पिटल को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि होली के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे निर्बाध रूप से संचालित की जाएंगी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार होली के दिन रंग, पानी, सड़क दुर्घटनाएं, झगड़े, फिसलने की घटनाएं, आंखों में केमिकल रंग चले जाने, जलन, एलर्जी और बच्चों से जुड़ी दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। इन्हीं संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल टीमों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।
अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड, ट्रॉमा सेंटर और आई यूनिट में अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती की गई है। साथ ही दवाइयों, इंजेक्शन, आई-वॉश सॉल्यूशन, बर्न किट और प्राथमिक उपचार से जुड़े उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
प्रबंधन के मुताबिक, होली के दिन सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में अचानक वृद्धि देखी जाती है। ऐसे में ट्रॉमा केयर यूनिट को विशेष रूप से मजबूत किया गया है। एंबुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तेजी से अस्पताल तक लाया जा सके।
अस्पताल प्रशासन ने यह भी बताया कि रंगों से आंखों में जलन या चोट लगने के मामलों को तुरंत प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए नेत्र रोग विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टरों की अलग टीम तैनात की गई है। वहीं, एलर्जी और सांस संबंधी दिक्कतों के मामलों को देखते हुए मेडिसिन और चेस्ट विभाग की टीम भी चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी।
प्रबंधन का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के मामलों में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में तेज जलन, त्वचा पर रैश या गंभीर चोट लगती है, तो बिना देरी किए अस्पताल पहुंचने की अपील की गई है।
अस्पताल प्रशासन ने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे होली के दौरान सुरक्षित रंगों का उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं और बच्चों पर विशेष निगरानी रखें। यदि किसी भी प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न होती है, तो सीधे इमरजेंसी वार्ड में संपर्क करें।
राजधानी रायपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल होने के नाते अम्बेडकर अस्पताल पर पूरे प्रदेश से आने वाले मरीजों का दबाव रहता है। इसे देखते हुए होली के दौरान अतिरिक्त बेड और स्ट्रेचर की व्यवस्था भी की गई है, ताकि मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो।
अस्पताल प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कर्मचारियों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। कंट्रोल रूम और इमरजेंसी समन्वय टीम भी सक्रिय रखी गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्णय लेकर व्यवस्थाएं की जा सकें।
प्रशासन का कहना है कि होली का त्योहार खुशियों और रंगों का पर्व है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना या स्वास्थ्य संकट में बदल सकती है। इसी वजह से अम्बेडकर अस्पताल को पूरी तरह तैयार रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को तत्काल और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
