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चित्रगुप्त मंदिर में अखंड नाम यज्ञ

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 2 February 2026

चित्रगुप्त मंदिर न्यू शांतिनगर रायपुर में तीन दिवसीय अखंड हरीनाम संकीर्तन का भव्य समापन, 72 घंटे जप, महाआरती और विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालु।

रायपुर। न्यू शांतिनगर स्थित चित्रगुप्त मंदिर परिसर में जय अखिल क्षत्रिय तेलुगु समाज कल्याण समिति के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय अखंड हरीनाम संकीर्तन नाम यज्ञ का रविवार, 1 फरवरी 2026 को भक्तिमय वातावरण में भव्य समापन हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत 30 जनवरी 2026 से हुई थी, जो लगातार 72 घंटे तक 1 फरवरी 2026 तक चली। इस दौरान विभिन्न स्थानों से पधारी संकीर्तन मंडलियों ने “हरे कृष्ण हरे राम” महामंत्र का मधुर और निरंतर जप कर पूरे क्षेत्र को भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

तीन दिनों तक चले इस आयोजन में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। भक्तों ने संकीर्तन में शामिल होकर भगवान के नाम का स्मरण किया और वातावरण को आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया।

अंतिम दिन हुई पूर्णाहुति और महाआरती

अखंड हरीनाम संकीर्तन के अंतिम दिन विधिविधान से पूर्णाहुति संपन्न कराई गई। इसके पश्चात भव्य महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।

तीन दिवसीय भंडारे का आयोजन

कार्यक्रम के समापन अवसर पर तीन दिवसीय विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।

आयोजन को सफल बनाने में समिति और स्थानीय लोगों का योगदान

अखंड हरीनाम संकीर्तन कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्यों एवं स्थानीय नागरिकों का सराहनीय योगदान रहा। सभी ने सेवा भाव से कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग किया।

समिति के अध्यक्ष ने बताया कि हरीनाम संकीर्तन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल मन का शुद्धिकरण नहीं है, बल्कि मानव जीवन को धर्म और भक्ति के सही मार्ग पर अग्रसर करना भी है।

प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष एस. लता राव, सचिव टी. राजू राव सहित अन्य पदाधिकारी डी. नारायण मूर्ति, डी. सुनील राव एवं टी. आनंद राव विशेष रूप से उपस्थित रहे।

समिति द्वारा सभी श्रद्धालुओं, कलाकारों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया।

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