गरियाबंद के रक्शापथरा जंगल से पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान में एके-47 और 12 बोर हथियार बरामद कर बड़ी साजिश नाकाम की।
गरियाबंद। गरियाबंद पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना शोभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रक्शापथरा के दुर्गम जंगलों से नक्सलियों द्वारा डम्प किए गए अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। यह इलाका जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित है, जहाँ लंबे समय से नक्सली गतिविधियों की आशंका बनी हुई थी।
गरियाबंद जिला पुलिस बल की ई-30 टीम ने सटीक सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। पुलिस को यह अहम जानकारी 19 जनवरी 2026 को आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली थी। उनके द्वारा दिए गए इनपुट और निशानदेही के बाद 20 जनवरी 2026 को ऑपरेशन टीम को मौके के लिए रवाना किया गया।
ई-30 टीम और बीडीएस (बम निरोधक दस्ता) की संयुक्त सर्चिंग के दौरान थाना शोभा क्षेत्र के ग्राम रक्शापथरा के जंगल में एक टेकरी के ऊपर चट्टान के किनारे नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियार बरामद किए गए। तलाशी के दौरान पुलिस ने एक नग एके-47 राइफल, एक खाली मैग्जीन और एक नग 12 बोर का हथियार जब्त किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये हथियार डीजीएन डिवीजन के नक्सलियों द्वारा भविष्य की किसी बड़ी वारदात के लिए डम्प किए गए थे। समय रहते इनकी बरामदगी से नक्सलियों की संभावित साजिश को विफल कर दिया गया है।
गरियाबंद पुलिस की इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की लगातार सफल कार्रवाइयों से क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क कमजोर होगा और ग्रामीण इलाकों में शांति एवं सुरक्षा का माहौल मजबूत होगा।
पुलिस अधीक्षक ने ई-30 टीम और बीडीएस की सराहना करते हुए कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों से प्राप्त सूचनाएँ अभियान को निर्णायक मोड़ देने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। आने वाले समय में भी सर्च ऑपरेशन और तेज किए जाएंगे ताकि नक्सलियों के शेष ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
