बुधवार, 16 सितंबर 2026
ताज़ा खबर
Advertisement

एम्स रायपुर वायरोलॉजी लैब को एनएबीएल की मान्यता मिली

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 6 August 2025

एम्स रायपुर की वायरोलॉजी लैब को एनएबीएल ने कोविड, आरएसवी समेत 12 टेस्टिंग सुविधाओं पर राष्ट्रीय मान्यता दी है, विश्वसनीयता में बड़ी उपलब्धि।

रायपुर।छत्तीसगढ़। एम्स रायपुर की वायरोलॉजी लैब को अब नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कॅलिब्रेशन लेबोरेटरीज़ (NABL) की मान्यता मिल चुकी है। यह मान्यता 12 प्रमुख वायरोलॉजिकल टेस्टों के लिए दी गई है, जिनमें कोविड-19, आरएसवी (रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस), इंफ्लुएंजा ए और बी, एच1एन1, एच3एन2, एच5एन1, पैराइन्फ्लुएंजा, अडेनोवायरस, मेटा न्यूमोवायरस आदि शामिल हैं।

Read it loud

https://dabangsuchna.com/wp-content/uploads/2025/08/ChatGPT_____________________aims-hospital6.8.25__________Ember_2025-08-06T07-36-07.aac

यह मान्यता एम्स रायपुर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो न केवल लैब की गुणवत्ता को दर्शाती है, बल्कि इस क्षेत्र में मरीजों को विश्वस्तरीय परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

क्या है NABL की मान्यता?

NABL भारत सरकार का एक स्वायत्त निकाय है जो टेस्टिंग और कॅलिब्रेशन प्रयोगशालाओं को गुणवत्ता के आधार पर मान्यता देता है। यह मान्यता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्य होती है। NABL की स्वीकृति का मतलब है कि संबंधित प्रयोगशाला सभी वैज्ञानिक मानकों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए परीक्षण करती है।

एम्स रायपुर की वायरोलॉजी लैब को NABL की मान्यता मिलने का अर्थ यह है कि अब यहां होने वाले परीक्षण पूरी तरह से वैज्ञानिक, मानक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य प्रक्रिया के तहत होंगे।


🏥 एम्स रायपुर में वायरोलॉजी लैब का महत्व

एम्स रायपुर का वायरोलॉजी विभाग महामारी और मौसमी संक्रमणों की जांच और नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। कोविड-19 की लहर के दौरान इस लैब ने हजारों RTPCR टेस्ट किए, जिससे समय रहते कई मरीजों की पहचान और इलाज संभव हो सका।

वर्तमान में एम्स रायपुर की वायरोलॉजी लैब निम्न जांच सेवाएं प्रदान कर रही है:

  • कोविड-19 RT-PCR
  • RSV A और B
  • Influenza A, B
  • H1N1, H3N2
  • Adenovirus
  • Human metapneumovirus
  • Parainfluenza virus

🔍 विश्वसनीयता बढ़ी, रिपोर्ट्स का राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता

अब मरीजों को एम्स रायपुर से मिलने वाली रिपोर्ट्स को देशभर में किसी भी अस्पताल, संस्था या संगठन द्वारा स्वीकार किया जाएगा। इससे मरीजों को दोबारा जांच की आवश्यकता नहीं होगी और उपचार में देरी नहीं होगी।


🗣️ प्रशासन की प्रतिक्रिया

एम्स रायपुर के निदेशक डॉ. नितिन नागर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा,

“यह उपलब्धि हमारे वायरोलॉजी विभाग की तकनीकी दक्षता और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। NABL मान्यता से हमारे मरीजों को विश्वसनीय सेवाएं मिलेंगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि एम्स की टीम आने वाले समय में और अधिक परीक्षणों की सुविधा के लिए भी मान्यता प्राप्त करेगी।

🔧 तकनीकी अपग्रेड और प्रशिक्षण

इस मान्यता को हासिल करने के लिए वायरोलॉजी विभाग ने अपने स्टाफ को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित किया और सभी SOPs (Standard Operating Procedures) को अपडेट किया। लैब की मशीनों का कैलिब्रेशन, डेटा ट्रेसबिलिटी और क्वालिटी कंट्रोल रिपोर्ट्स को नियमित रूप से जांचा गया।

🧬 छत्तीसगढ़ के लिए उपलब्धि

यह मान्यता केवल एम्स रायपुर के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। इससे राज्य के लाखों नागरिकों को अत्याधुनिक, प्रमाणिक और जल्दी जांच रिपोर्ट प्राप्त होंगी, जिससे बीमारियों के नियंत्रण में तेजी लाई जा सकेगी।

🔮 भविष्य की दिशा

एम्स रायपुर की वायरोलॉजी टीम भविष्य में अन्य संक्रमणों जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, निपाह वायरस जैसी बीमारियों की टेस्टिंग सुविधा को भी एनएबीएल से प्रमाणित कराने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

इस मान्यता से संस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान परियोजनाओं में भाग लेने का भी अवसर मिलेगा।

📌 निष्कर्ष (संक्षेप में)

एम्स रायपुर की वायरोलॉजी लैब को NABL की मान्यता मिलना छत्तीसगढ़ राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। अब मरीजों को भरोसेमंद और प्रमाणिक रिपोर्ट मिलेगी, जिससे उनका इलाज न केवल तेज़ होगा बल्कि चिकित्सीय प्रणाली में भी सुधार आएगा।

संबंधित खबरें

अपनी प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version