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अक्ति तिहार पर कृषि विज्ञान केंद्र में कृषि उत्सव

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 21 April 2026

अक्ति तिहार पर सुकमा कृषि विज्ञान केंद्र में कृषि उत्सव, कलेक्टर ने भिंडी बुवाई कर किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने का दिया संदेश

सुकमा। पारंपरिक पर्व अक्ति तिहार के अवसर पर जिले में कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा में कृषि उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने स्वयं खेत में उतरकर भिंडी की बुवाई की और किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, आत्मा परियोजना, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों तथा बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। अक्ति तिहार को खेती की शुरुआत का शुभ अवसर माना जाता है, इसलिए इस दिन कृषि गतिविधियों का विशेष महत्व होता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में भिंडी की बुवाई कर किसानों को उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। 🌱

वैज्ञानिक खेती अपनाने की अपील

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने किसानों से कहा कि बदलते मौसम और बढ़ती चुनौतियों के बीच वैज्ञानिक खेती अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और वैज्ञानिक सलाह के माध्यम से कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे:

  • उन्नत बीजों का उपयोग करें
  • फसल विविधीकरण अपनाएं
  • जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दें
  • पानी की बचत करने वाली तकनीकों को अपनाएं

कलेक्टर ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है और किसानों को यहां से नियमित रूप से जानकारी लेते रहना चाहिए। 🌾

भिंडी बुवाई कर दिया संदेश

अक्ति तिहार के अवसर पर कलेक्टर ने स्वयं खेत में जाकर भिंडी के बीज बोए। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने भिंडी की उन्नत खेती, बीज चयन, खाद प्रबंधन और सिंचाई तकनीक के बारे में जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने बताया कि:

  • उन्नत किस्म की भिंडी अधिक उत्पादन देती है
  • सही समय पर बुवाई से उत्पादन बढ़ता है
  • जैविक खाद का उपयोग लाभकारी है
  • कीट नियंत्रण के लिए प्राकृतिक उपाय अपनाएं

किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन की इस पहल से उन्हें नई तकनीकों की जानकारी मिल रही है।

अक्ति तिहार का महत्व

छत्तीसगढ़ में अक्ति तिहार का विशेष महत्व है। इस दिन किसान खेती की शुरुआत करते हैं और कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं। यह पर्व नई फसल के शुभारंभ का प्रतीक माना जाता है।

अक्ति तिहार पर:

  • किसान खेती की तैयारी शुरू करते हैं
  • बीजों की पूजा की जाती है
  • खेतों की जुताई का शुभारंभ होता है
  • अच्छी फसल की कामना की जाती है

इस अवसर पर आयोजित कृषि उत्सव ने पारंपरिक और आधुनिक खेती को जोड़ने का काम किया। 🎉

कृषि प्रदर्शनी का आयोजन

कार्यक्रम के दौरान कृषि प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें उन्नत बीज, आधुनिक कृषि उपकरण, जैविक खाद और कीटनाशक नियंत्रण के उपायों की जानकारी दी गई। किसानों ने प्रदर्शनी में रुचि दिखाई और विशेषज्ञों से सवाल पूछे।

प्रदर्शनी में शामिल प्रमुख विषय:

  • उन्नत बीज
  • जैविक खेती
  • ड्रिप सिंचाई
  • फसल प्रबंधन
  • मृदा परीक्षण

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को मृदा परीक्षण कराने की सलाह दी ताकि खेत की मिट्टी के अनुसार फसल का चयन किया जा सके।

किसानों में उत्साह

कृषि उत्सव को लेकर किसानों में उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में किसानों ने कार्यक्रम में भाग लेकर जानकारी प्राप्त की। किसानों ने कहा कि ऐसे आयोजन से उन्हें नई तकनीक सीखने का अवसर मिलता है।

किसानों ने बताया:

  • वैज्ञानिक खेती से उत्पादन बढ़ेगा
  • लागत कम होगी
  • आय में वृद्धि होगी

विभागों की भागीदारी

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों ने भाग लिया और किसानों को योजनाओं की जानकारी दी। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।

इस दौरान जानकारी दी गई:

  • प्रधानमंत्री किसान योजना
  • बीज वितरण योजना
  • सिंचाई योजना
  • कृषि यंत्रीकरण योजना

अधिकारियों ने किसानों से योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

आत्मनिर्भर किसान बनाने की पहल

कलेक्टर ने कहा कि जिले के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी और पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

उन्होंने किसानों से कहा:

  • सब्जी उत्पादन बढ़ाएं
  • बागवानी अपनाएं
  • पशुपालन करें
  • समूह बनाकर खेती करें

निष्कर्ष

अक्ति तिहार के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा में आयोजित कृषि उत्सव किसानों के लिए प्रेरणादायक रहा। कलेक्टर द्वारा भिंडी बुवाई कर वैज्ञानिक खेती का संदेश देना किसानों के लिए नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। इससे किसानों को आधुनिक खेती अपनाने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। 🌿

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