खरोरा पुलिस ने नाबालिग को अश्लील फोटो भेजने वाले आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया, मोबाइल जब्त कर पोक्सो व आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की।
रायपुर/खरोरा। थाना खरोरा पुलिस ने नाबालिग पीड़िता को सोशल मीडिया के माध्यम से अश्लील फोटो भेजने वाले आरोपी को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोईन बालम सैय्यद उर्फ मोईन काजी (19 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक (विधानसभा) वीरेन्द्र चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में की गई। थाना प्रभारी खरोरा के नेतृत्व में गठित टीम ने महिला एवं नाबालिग अपराधों पर सख्ती दिखाते हुए यह गिरफ्तारी की।
क्या है पूरा मामला
प्रार्थी ने दिनांक 12 दिसंबर 2025 को थाना खरोरा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 2 दिसंबर 2025 की शाम उसकी नाबालिग बेटी को दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप और स्नैपचैट के माध्यम से अश्लील नग्न फोटो और आपत्तिजनक संदेश भेजे गए। साथ ही पीड़िता के साथ गाली-गलौज भी की गई।
रिपोर्ट के आधार पर थाना खरोरा में अप.क्र. 850/25 के तहत धारा 79, 351(4), 87 बीएनएस, 67-ख आईटी एक्ट और 12 पोक्सो एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
डिजिटल साक्ष्य मिले पुख्ता
विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता के परिजन द्वारा प्रस्तुत मोबाइल फोन को जब्त किया, जिसमें आरोपी द्वारा भेजे गए अश्लील फोटो और आपत्तिजनक संदेश मौजूद थे। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लोकेशन महाराष्ट्र में पाई गई।
महाराष्ट्र से हुई गिरफ्तारी
वरिष्ठ कार्यालय से अनुमति प्राप्त कर पुलिस टीम महाराष्ट्र रवाना हुई। आरोपी को उसके निवास स्थान बेलापुर, श्रीरामपुर (अहमदनगर) से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। उसके मेमोरेंडम के आधार पर वीवो कंपनी का V-29 मोबाइल फोन, जिसमें स्नैपचैट ऐप पर पीड़िता से की गई अश्लील चैट और फोटो मौजूद थे, को जब्त किया गया।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर उसके परिजनों को सूचना दी गई। इसके बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों और महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराधों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।





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