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नगर निगम में ठेका-राज पर आप का हमला

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 20 January 2026

रायपुर नगर निगम में ठेका-राज के आरोप, चहेते ठेकेदारों को वार्ड बांटने और बिना वर्क ऑर्डर अवधि बढ़ाने पर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार को घेरा।

रायपुर। नगर निगम की सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मिथलेश साहू ने भाजपा शासित नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि निगम में इस समय “ठेका-राज” चल रहा है और चहेते ठेकेदारों को नियमों को ताक पर रखकर वार्डों की जिम्मेदारी “रेवड़ियों की तरह” बांटी जा रही है। उन्होंने इसे करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए नगर निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोला।

मिथलेश साहू ने कहा कि निगम की कार्यप्रणाली इस समय “अंधेर नगरी–चौपट राजा” जैसी हो गई है। सफाई व्यवस्था के नाम पर नगर निगम ने चुनिंदा ठेकेदारों के लिए खजाना खोल दिया है, जबकि शहर की जनता गंदगी और बदहाल स्वच्छता से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता की सुविधा की बजाय ठेकेदारों की जेब भरने में जुटी हुई है।

एक ठेकेदार, तीन वार्ड: एकाधिकार का खेल
आप नेता ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि नगर निगम में एक ही ठेकेदार को तीन-तीन वार्डों की सफाई का जिम्मा सौंप दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या रायपुर में अन्य ठेकेदारों या बेरोजगार युवाओं की कमी है। उनका कहना था कि एक ही व्यक्ति को कई वार्ड देना सीधे तौर पर एकाधिकार को बढ़ावा देता है और कमीशनखोरी के रास्ते खोलता है।

उन्होंने यह भी कहा कि व्यवहारिक रूप से किसी एक ठेकेदार के लिए इतने बड़े क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सफाई कर पाना असंभव है। इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है, जिन्हें गंदगी, कचरे के ढेर और बदबू के बीच रहना पड़ रहा है।

बिना वर्क ऑर्डर अवधि बढ़ाने का आरोप
लोकसभा संगठन मंत्री सागर ने आरोप लगाया कि पिछले छह महीनों में दो बार बिना किसी नए कार्य आदेश के 3-3 माह की अवधि बढ़ाई गई है। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और सोची-समझी वित्तीय अनियमितता बताया। उनका कहना है कि भाजपा सरकार जानबूझकर नई निविदा प्रक्रिया शुरू नहीं कर रही ताकि पुराने ठेकेदारों का कब्जा बना रहे और करोड़ों रुपये की कमाई होती रहे।

सूत्रों के अनुसार, छह माह बीत जाने के बाद भी नई टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इससे साफ संकेत मिलता है कि पारदर्शिता की बजाय निजी हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।

शहर की जनता परेशान
आप नेताओं का कहना है कि शहर के कई वार्डों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सड़कों पर कचरा, नालियों की गंदगी और बदबू आम बात हो गई है। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।

आम आदमी पार्टी की चेतावनी
जिला अध्यक्ष नवनीत नंदे ने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा की निगम सरकार जनता के टैक्स के पैसे को अपने मित्रों की जेब में डालना तुरंत बंद करे। यदि जल्द ही नई और पारदर्शी निविदा प्रक्रिया शुरू नहीं की गई और “एक ठेकेदार–एक वार्ड” जैसे नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो आम आदमी पार्टी रायपुर की जनता के साथ मिलकर नगर निगम का घेराव करेगी।

उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और सफाई व्यवस्था को पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाया जाए।

इस पूरे मामले ने रायपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि भाजपा सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या वास्तव में सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।

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