छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सुबह भूकंप के हल्के झटकों से लोग घरों से बाहर निकले, किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं।
जशपुर।छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में बुधवार सुबह-सुबह धरती डोल उठी। करीब 6:11 बजे आए भूकंप के झटकों से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। झटका हल्का था, लेकिन लोगों में डर का माहौल बन गया। कई लोग नींद से उठकर घरों से बाहर निकल आए।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र जशपुर जिले के आसपास 10 किलोमीटर की गहराई में था।
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कैसा रहा भूकंप का असर?
हालांकि भूकंप की तीव्रता कम थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने 5-10 सेकंड तक कंपन्न महसूस किया। खासकर ऊपरी मंजिलों में रहने वाले लोग इसे ज्यादा स्पष्ट रूप से महसूस कर सके।
कोई जनहानि या संपत्ति के नुकसान की खबर अब तक नहीं मिली है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
लोगों ने क्या बताया?
भूकंप के दौरान स्थानीय निवासी रजनीकांत पटेल ने कहा,
“अचानक पलंग हिलने लगा। लगा कि कोई मज़ाक कर रहा है, लेकिन फिर दीवारें भी कांपने लगीं। हम लोग तुरंत बाहर आ गए।”
प्रशासन सतर्क
जशपुर कलेक्टर कार्यालय ने कहा है कि वे पूरे जिले के ब्लॉकों से रिपोर्ट एकत्र कर रहे हैं। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला आपदा प्रबंधन दल को अलर्ट कर दिया गया है।
एक अधिकारी ने बताया,
“हालात सामान्य हैं, लेकिन हम पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पंचायत सचिवों से जानकारी ली जा रही है।”
पड़ोसी जिलों में भी हलचल?
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रायगढ़ और अंबिकापुर के कुछ हिस्सों में भी हल्की हलचल महसूस हुई, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
भूकंप क्यों आते हैं? (संदर्भात्मक जानकारी)
भूकंप टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल के कारण आते हैं। भारत के मध्यवर्ती क्षेत्रों में भले ही तीव्र भूकंप कम आते हैं, लेकिन हल्की कंपन की घटनाएं अब बढ़ती जा रही हैं। छत्तीसगढ़ वैसे तो कम भूकंप संभावित क्षेत्र में आता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां भी हल्के झटकों की घटनाएं सामने आई हैं।
क्या करें भूकंप के समय?
- घर के अंदर हों तो मजबूत टेबल के नीचे छुपें।
- लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।
- खुले में हों तो बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें।
- अफवाहों से बचें और सरकारी सूचना पर भरोसा करें।
पिछले वर्षों में भी आए थे झटके
जशपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में पूर्व में भी 2021 और 2023 में भूकंप के हल्के झटके दर्ज किए गए थे। हालांकि, उन मामलों में भी किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं थी।
आपदा प्रबंधन विभाग की तैयार
छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने सभी जिलों को आपात स्थिति से निपटने के लिए बुनियादी निर्देश और ट्रेनिंग दी है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य की किसी भी आपदा के लिए योजना तैयार है।
निष्कर्ष (Remedy नहीं)
छत्तीसगढ़ जैसे अपेक्षाकृत शांत क्षेत्रों में भी अब भूगर्भीय हलचलें सामने आ रही हैं। समय की मांग है कि आमजन जागरूक बनें, और प्रशासन सतर्क। भूकंप की तीव्रता भले कम हो, लेकिन तैयारी हमेशा पूरी होनी चाहिए।
