गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
ताज़ा खबर
Advertisement

बरसात में नॉनवेज खाने से क्यों करना चाहिए परहेज?

हेल्थ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 23 July 2025

सावन के महीने में लोगों को शाकाहारी भोजन खाने की सलाह दी जाती है। मगर अधिकतर लोग इसे धार्मिक महीने से जोड़ देते हैं। दरअसल, यह महीना भगवान शिव को समर्पित होता है इसलिए हिंदू धर्म के लोग इस महीने शाकाहारी भोजन खाते हैं। मगर क्या आप जानते हैं इस मौसम में मांस खाने से भी मना करने के पीछे स्वास्थ्य कारण भी है? जी हां, चिकन हो या मटन, इन्हें खाने से क्या होता है? क्यों इसे खाने से सेहत बिगड़ सकती है? आइए जानते हैं इसका कारण।

क्यों नहीं खाते मांस?

मांसाहारी भोजन को इस महीने पचाने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए नहीं खाना चाहिए। कौन सा मांस खाने से होती है दिक्कतें?

बकरे का मांस- आयुर्वेद के मुताबिक, बकरे का मांस या मटन खाने से अग्नि, वात और कफ की समस्या बढ़ जाती है क्योंकि यह मांस भारी और चिकनाई युक्त होता है। इसे पचाने में दिक्कत होती है। अगर कोई बरसात के महीने में बकरे का मांस खाता है, तो उसे अपच, भारीपन, जोड़ों में दर्द और सूजन के साथ नींद में बेचैनी होने की समस्या हो सकती है।

मुर्गे का मांस- चिकन खाने से इस मौसम में अपच, कब्ज, गैस और दस्त की समस्या हो सकती है। इसका मांस बहुत ज्यादा चिकना होता है जिस वजह से स्किन प्रॉब्लम भी हो सकती है।

रेड मीट- बीफ या रेड मीट जैसे भारी मांस खाने से शरीर में भारीपन होता है। इससे पचने में समस्या होती है। इनमें भी फैट कंटेंट बहुत होता है जिस वजह से अपच, उल्टी से लेकर फोड़े-फूंसी की समस्या हो सकती है।

मछली- इस मौसम में मछलियों में अंडे होते हैं जिस वजह से इन्हें नहीं खाना चाहिए। ऐसी मछलियां खाने से शरीर में खुजली और लालिमा की समस्या हो सकती है। इससे शरीर का कफ भी बढ़ जाता है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

मानसून में पाचन क्यों कमजोर हो जाता है?

यह मौसम बैक्टीरिया और वायरल इंफेक्शन्स का होता है। धूप की कमी, बहुत ज्यादा नमी और साफ-सफाई न होने की वजह से डाइजेशन बिगड़ने की समस्या होती है। इस समय पानी भी साफ नहीं मिलता है। दूषित पानी पीने से भी समस्या बढ़ सकती है।

क्या खाएं सावन में?

  • हरी पत्तेदार सब्जियां खा सकते हैं।
  • लौकी, तुरई और करेला जैसे हल्के और फाइबर से भरपूर सब्जियां खाएं।
  • खिचड़ी, मूंग दाल, सूप और छाछ जैसी चीजों को डाइट में शामिल करें।
  • नींबू, अदरक और काली मिर्च से बनी चाय पिएं।

कुछ सावधानियां भी जरूरी

  • कच्चे सलाद को खाने से बचें और फलों को अच्छे से धोकर खाएं।
  • घर में ही हल्का भोजन बनाकर खाएं।
  • स्ट्रीट फूड्स से भी परहेज करें।

संबंधित खबरें

अपनी प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मुफ़्त जन्म कुंडली — MahaJyotish