नीट छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी एयरफोर्स मैन अजय मौर्य गिरफ्तार, मीडिया दबाव से हरकत में आई पुलिस, पीड़िता को मिला प्रारंभिक न्याय।
रायपुर (मेघा तिवारी की रिपोर्ट)। रायपुर के मोवा थाना क्षेत्र में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा से दो साल तक दुष्कर्म करने वाले भारतीय वायुसेना के जवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पीड़िता की शिकायत और मीडिया के निरंतर दबाव के बाद हुई। आरोपी अजय कुमार मौर्य, झुंझुनू (राजस्थान) का निवासी है और वर्तमान में झारखंड के सिंगरासी में तैनात था।
सोशल मीडिया से शुरू हुई दोस्ती, फिर हुआ शोषण
पीड़िता ने बताया कि दो साल पहले उसकी अजय से सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती हुई थी। शुरुआत में दोस्ती और फिर प्रेम संबंध बनने के बाद अजय ने शादी का वादा कर उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। पर जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाना शुरू किया तो अजय ने बहाने बनाने शुरू कर दिए।
जब पीड़िता ने निजी स्तर पर जानकारी एकत्र की, तो उसे पता चला कि अजय किसी दूसरी लड़की से सगाई कर चुका है। इस खुलासे के बाद उसने अजय के परिजनों से मिलकर अपनी आपबीती बताई और रायपुर के महिला थाने में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई।
एनजीओ से भी मिली ठगी, दोहरी पीड़ा
इस मामले में एक और दुखद पहलू सामने आया जब पीड़िता ने न्याय की उम्मीद में एक एनजीओ की मदद ली, जहां गोविंदा नामक युवक ने ‘सहायता’ के नाम पर उससे दो लाख रुपये ठग लिए। न्याय पाने की चाह में वह दोहरी पीड़ा झेल रही थी — एक तरफ यौन शोषण, दूसरी ओर आर्थिक ठगी।
मीडिया के प्रभाव से हरकत में आया प्रशासन
यह मामला जब समाचार पत्रों और न्यूज चैनलों में प्रमुखता से प्रकाशित और प्रसारित हुआ, तब जाकर पुलिस प्रशासन ने संज्ञान लिया। लगातार मीडिया कवरेज और रिपोर्टर्स द्वारा उच्च अधिकारियों को जानकारी दिए जाने के कारण आखिरकार पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पीड़िता को सुरक्षा व सहायता देने का आश्वासन भी दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अजय मौर्य को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया और आगे की जांच जारी है।
मीडिया की भूमिका अहम
इस पूरे घटनाक्रम में मीडिया की भूमिका निर्णायक रही। लगातार फॉलोअप, प्रमुखता से खबरों का प्रकाशन और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करते रहना — इन सभी प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया।
न्याय की उम्मीद फिर जगी
पीड़िता ने इस कार्रवाई के बाद आभार जताते हुए कहा कि उसे न्याय की एक नई उम्मीद मिली है। उसने मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन से अपील की कि इस मामले में तेजी से न्यायिक कार्रवाई हो और उसे मानसिक व सामाजिक समर्थन भी मिले।
यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि जब पीड़ितों की आवाज को मीडिया समर्थन मिलता है, तो न्याय प्रणाली भी हरकत में आती है।
