रायपुर में बेकरी दुकानों पर छापेमारी, एक्सपायरी ब्रेड मिलने पर 11 फर्म जांच में, 5 सैंपल लिए गए, उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ा।
रायपुर। रायपुर में खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। शहर की कई बेकरी दुकानों में एक्सपायरी ब्रेड बेचे जाने की शिकायतों के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। इस कार्रवाई में 11 बेकरी फर्मों की जांच की गई, जिनमें से 5 स्थानों से सैंपल लिए गए हैं।
शिकायतों के बाद हरकत में आया विभाग
पिछले कुछ दिनों से उपभोक्ताओं की ओर से शिकायत मिल रही थी कि बाजार में एक्सपायरी डेट वाली ब्रेड और अन्य बेकरी उत्पाद बेचे जा रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग की टीम ने अलग-अलग इलाकों में अचानक निरीक्षण किया।
जांच में सामने आई लापरवाही
छापेमारी के दौरान कई बेकरी दुकानों में उत्पादों की एक्सपायरी डेट स्पष्ट रूप से नहीं लिखी गई थी, जबकि कुछ जगहों पर एक्सपायरी ब्रेड भी स्टॉक में मिली। अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किया है।
5 सैंपल जांच के लिए भेजे
कार्रवाई के दौरान 5 बेकरी उत्पादों के सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित फर्मों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सपायरी ब्रेड और खाद्य पदार्थों का सेवन करने से फूड प्वाइजनिंग, पेट संबंधी बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में यह मामला सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है।
दुकानदारों को चेतावनी
खाद्य विभाग ने सभी बेकरी संचालकों को निर्देश दिया है कि वे उत्पादों की गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट का विशेष ध्यान रखें। नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द करने और जुर्माने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और शहर के अन्य इलाकों में भी जांच की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।
जागरूकता की जरूरत
विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी खाद्य पदार्थ को खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट जरूर जांचें और गड़बड़ी मिलने पर तुरंत शिकायत करें।
निष्कर्ष
रायपुर में बेकरी उत्पादों को लेकर सामने आया यह मामला खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, विभाग की कार्रवाई से उम्मीद है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर अंकुश लगेगा।
