धमतरी में दिशा समिति की बैठक में जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की गई, अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी क्रियान्वयन और शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए।
धमतरी | धमतरी जिले में विकास कार्यों और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा समिति) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, सड़क निर्माण, आवास, स्वच्छता, कृषि एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं पर बिंदुवार चर्चा की गई।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि दिशा समिति का मुख्य उद्देश्य आम जनता तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाना और जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।
योजनाओं की प्रगति पर विभागवार प्रस्तुति
बैठक के दौरान सभी प्रमुख विभागों ने अपनी-अपनी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, पोषण अभियान, किसान कल्याण योजनाएं और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की स्थिति पर विशेष फोकस रखा गया।
अधिकारियों से कहा गया कि जिन योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं हो पा रही है, उनके कारणों की पहचान कर सुधारात्मक कार्ययोजना बनाई जाए।
जनहित से जुड़ी योजनाओं पर विशेष चर्चा
दिशा समिति की बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि जनकल्याणकारी योजनाएं केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक प्रभाव आम नागरिकों के जीवन में दिखना चाहिए।
बैठक में निम्न विषयों पर विशेष चर्चा की गई—
- ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आवास निर्माण की स्थिति
- पेयजल आपूर्ति और जल जीवन मिशन की प्रगति
- स्कूलों में आधारभूत सुविधाएं
- स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं और जांच सुविधाओं की उपलब्धता
- पोषण आहार वितरण व्यवस्था
समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश
दिशा समिति के सदस्यों ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और स्वीकृत परियोजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए।
साथ ही यह भी कहा गया कि जिन क्षेत्रों में शिकायतें अधिक मिल रही हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और मौके पर जाकर समस्याओं का समाधान किया जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले महीनों में ग्रामीण अंचलों में योजनाओं की प्रगति की अलग से समीक्षा की जाएगी। सड़क, बिजली, पेयजल, आवास और रोजगार से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
सदस्यों ने कहा कि दूरस्थ ग्रामों में योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएं।
शिकायतों के त्वरित निराकरण पर जोर
दिशा समिति ने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों का शीघ्र निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायत पोर्टल और जनदर्शन कार्यक्रमों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें।
लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा गया कि अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
समन्वय से बेहतर परिणाम की अपेक्षा
बैठक में यह भी कहा गया कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय से ही योजनाओं का सही क्रियान्वयन संभव है। खासतौर पर स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा शिक्षा विभाग को आपसी तालमेल से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
राज्य शासन की मंशा के अनुरूप कार्य
अधिकारियों ने बताया कि सभी योजनाओं का संचालन
छत्तीसगढ़ शासन
की प्राथमिकताओं और दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है।
बैठक में यह भी कहा गया कि आगामी समय में दिशा समिति की बैठकों के माध्यम से योजनाओं की सतत निगरानी जारी रहेगी।
जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना लक्ष्य
दिशा समिति के सदस्यों ने कहा कि समिति का मूल उद्देश्य योजनाओं की समीक्षा मात्र नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे।
बैठक के अंत में सभी विभागों को आपसी समन्वय, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।
