धान खरीदी व्यवस्था पर विधानसभा में हंगामा, सत्ता पक्ष के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट। टोकन और लिमिट मुद्दे पर सरकार घिरी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। किसानों को टोकन, खरीदी की लिमिट और भुगतान में हो रही देरी जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरा। सत्ता पक्ष द्वारा दिए गए जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया, जिससे कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित रही।
विपक्ष के तीखे सवाल
प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ऑनलाइन टोकन कुछ ही मिनटों में खत्म हो जा रहे हैं, जिससे लाखों किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी हो रही है। विपक्ष ने यह भी कहा कि कई खरीदी केंद्रों पर किसानों को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जबकि सरकार जमीनी हकीकत से अनजान बनी हुई है।
सत्ता पक्ष का जवाब
सरकार की ओर से खाद्य मंत्री ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि इस वर्ष रिकॉर्ड मात्रा में धान का पंजीयन हुआ है और तकनीकी कारणों से शुरुआती दिनों में कुछ दिक्कतें सामने आईं। उन्होंने दावा किया कि टोकन प्रणाली में सुधार किया जा रहा है और जल्द ही खरीदी लिमिट बढ़ाई जाएगी, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
वॉकआउट का फैसला
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सरकार पर किसानों के साथ छल करने का आरोप लगाया। विपक्षी विधायकों का कहना था कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
राजनीतिक गर्माहट बढ़ी
विधानसभा में हुए इस घटनाक्रम से प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर किसानों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने कहा कि वह किसानों के हक के लिए आवाज उठाता रहेगा।
किसानों की निगाहें सरकार पर
धान खरीदी को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रदेशभर के किसान सरकार के ठोस फैसलों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में टोकन व्यवस्था और भुगतान प्रक्रिया में सुधार होता है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
