रायपुर में गणेश विसर्जन झांकियां परंपरागत मार्ग से निकाली जाएंगी। सुरक्षा के लिए छह सेक्टर बनाए गए, 1800 जवान तैनात, पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया।
रायपुर। राजधानी रायपुर में गणेश विसर्जन की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार शहर में विसर्जन झांकियां परंपरागत मार्ग से निकाली जाएंगी। प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे शहर को छह सेक्टरों में बांटा गया है, जहां करीब 1800 पुलिस जवान और अधिकारी तैनात रहेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा को लेकर विशेष योजना बनाई है। सभी सेक्टरों में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। सीसीटीवी कैमरों से भी झांकी मार्ग की निगरानी की जाएगी।
पटाखों पर प्रतिबंध
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि झांकी के दौरान पटाखों का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यह फैसला सुरक्षा और पर्यावरण दोनों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। डीजे और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम पर भी नियंत्रण रखा जाएगा।
परंपरागत मार्ग
गणेश विसर्जन झांकियां हमेशा की तरह परंपरागत मार्गों से निकाली जाएंगी। श्रद्धालु सुबह से ही झांकियों की तैयारी में जुटे हुए हैं। शहरभर में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का माहौल है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखें तथा नियमों का पालन करते हुए विसर्जन में शामिल हों। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त यातायात व्यवस्था भी की गई है।
धार्मिक उत्साह
गणेशोत्सव की झांकियां रायपुर की संस्कृति और आस्था का प्रतीक मानी जाती हैं। हर साल हजारों श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं। इस बार भी झांकियों में सामाजिक और धार्मिक संदेश देने वाले चित्र और सजावट देखने को मिलेंगे।
निष्कर्ष
रायपुर में गणेश विसर्जन केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। प्रशासन और श्रद्धालुओं के सहयोग से यह आयोजन शांतिपूर्ण और भव्य रूप में सम्पन्न होने की उम्मीद है।
