मधेश्वर धाम में शिव महापुराण कथा समापन पर वर्चुअली जुड़े CM साय, धाम विकास के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च की घोषणा की।
छत्तीसगढ़।रायपुर. जिले के ऐतिहासिक मधेश्वर धाम में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। साथ ही मधेश्वर धाम के समग्र विकास के लिए 10 करोड़ रुपये के खर्च की घोषणा की, जिसे श्रद्धालुओं ने तालियों से स्वागत किया।
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📿 शिवभक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम
पिछले सात दिनों से मधेश्वर धाम में आयोजित शिव महापुराण कथा ने पूरे अंचल में धार्मिक वातावरण का संचार किया। कथा में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित रामनिवास शास्त्री ने भगवान शिव की महिमा, शिव-शक्ति के सिद्धांत और धर्म-अधर्म के यथार्थ पर प्रकाश डाला।
आयोजन में कोरिया और आसपास के हजारों श्रद्धालु, ग्रामीण, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समापन समारोह में भव्य भजन संध्या, भोग वितरण और धार्मिक शोभायात्रा भी निकाली गई।
🎥 वर्चुअली जुड़े सीएम साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए कहा—
“मधेश्वर धाम हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीक है। इसके विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।”
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में धाम में तीर्थपथ, रुकने की सुविधा, जल निकासी व्यवस्था और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा।
🏗️ 10 करोड़ की विकास योजना का खाका
मुख्यमंत्री ने कहा कि मधेश्वर धाम को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। योजना में शामिल होंगे:
- परिसर का सौंदर्यीकरण
- भक्त निवास निर्माण
- प्राकृतिक जलस्रोतों की मरम्मत
- सड़क और प्रकाश व्यवस्था
- धार्मिक पुस्तकालय एवं डिजिटल सूचना केंद्र
🌾 ग्रामीणों में खुशी की लहर
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों में उत्साह है। ग्राम पंचायतों ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि अब मधेश्वर धाम को उसकी पहचान और महत्ता मिलेगी।
🛕 धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
छत्तीसगढ़ में धार्मिक पर्यटन को लेकर सरकार की मंशा साफ है। पहले से ही डोंगरगढ़, राजिम, बमलेश्वरी, शिवरीनारायण जैसे स्थानों का विकास किया जा रहा है। अब मधेश्वर धाम भी इस सूची में शामिल हो गया है।
🙏 आयोजन समिति और संत समाज की भूमिका
कथा आयोजन में स्थानीय संत समाज, मंदिर समिति और ग्रामीणों की भागीदारी प्रशंसनीय रही। अनुशासन, स्वच्छता और समर्पण के साथ पूरे कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। आयोजन समिति ने विशेष रूप से महिला मंडल और युवा मंडल का धन्यवाद किया।
✍️ प्रशासनिक तैयारी भी रही दुरुस्त
स्थानीय प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। इसके लिए जिले के अधिकारियों ने निरंतर निगरानी रखी।
