दुर्ग में भुइंया एप का दुरुपयोग कर 765 एकड़ जमीन घोटाला उजागर, दो पटवारी निलंबित, 18 तबादला, सरकार ने प्रदेशव्यापी जांच के आदेश दिए।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में जमीन घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है, जहां भुइंया एप का दुरुपयोग कर 765 एकड़ सरकारी और निजी जमीन पर कब्जे का खुलासा हुआ है। इस मामले में प्रशासन ने तत्काल एक्शन लेते हुए दो पटवारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि 18 अन्य राजस्व कर्मचारियों का तबादला कर दिया गया है।
Read it loud
कैसे हुआ घोटाला
भुइंया एप, जो राज्य में भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से उपलब्ध कराने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था, कुछ कर्मचारियों के लिए हेरफेर का जरिया बन गया। जांच में पाया गया कि एप के डेटा में गड़बड़ी कर कई जमीनों के मालिकाना हक में बदलाव किया गया, जिससे भूमाफियाओं ने करोड़ों की जमीन हड़प ली।
जांच में चौंकाने वाले खुलासे
जिला प्रशासन की विशेष जांच टीम ने पाया कि जमीन की खसरा प्रविष्टियों में फर्जी तरीके से नाम बदले गए। यह बदलाव अक्सर आधी रात या छुट्टी के दिनों में किया गया ताकि किसी को संदेह न हो। इस खेल में सरकारी जमीन के साथ-साथ किसानों की निजी जमीन भी शामिल है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
दुर्ग कलेक्टर ने मामले को गंभीर मानते हुए दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं 18 कर्मचारियों का तबादला दूसरे क्षेत्रों में कर दिया गया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि इस तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।
किसानों में आक्रोश
इस घोटाले से प्रभावित किसानों में आक्रोश है। कई किसान शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। किसानों का कहना है कि जमीन ही उनकी आजीविका का साधन है, और इसे छीना जाना बेहद अन्यायपूर्ण है।
भुइंया एप की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने भुइंया एप की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आईटी विशेषज्ञों का मानना है कि एप में डेटा प्रोटेक्शन और यूजर ऑथेंटिकेशन की मजबूत व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि इस तरह की हेराफेरी न हो सके।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रदेश में भुइंया एप से जुड़ी प्रविष्टियों की विशेष जांच के आदेश दिए हैं। राजस्व मंत्री ने कहा कि जो भी कर्मचारी या अधिकारी इसमें शामिल पाए जाएंगे, उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगे की कार्रवाई
प्रशासन अब इस घोटाले से जुड़ी सभी जमीनों की पुन: जांच करेगा और गलत प्रविष्टियों को निरस्त कर सही मालिकों के नाम दर्ज करेगा। साथ ही, एप के सुरक्षा फीचर्स को अपग्रेड करने का निर्णय लिया गया है।
