एक साल में छत्तीसगढ़ में 665 नक्सली हथियार बरामद, बासवराजू की एके-47 और झीरम हमले की इंसास राइफल भी सुरक्षाबलों के हाथ लगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बीते एक वर्ष में बड़ी सफलता मिली है। राज्य में अलग–अलग अभियानों के दौरान कुल 665 हथियार बरामद किए गए हैं। इनमें अत्याधुनिक स्वचालित हथियार, इंसास राइफल, एके-47, एसएलआर, कार्बाइन, पिस्टल और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद शामिल है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बरामद हथियारों का संबंध कई बड़े नक्सली हमलों और लूट की घटनाओं से रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, कुख्यात नक्सली नेता बासवराजू के पास ताड़मेटला क्षेत्र में सुरक्षाबलों से लूटी गई एके-47 रखी हुई थी। वहीं, झीरम घाटी हमले से जुड़ी इंसास राइफल नारायणपुर जिले से बरामद की गई है। इन हथियारों की पहचान बैलिस्टिक जांच और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर की गई, जिससे नक्सल गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में बड़ी मदद मिली है।
पुलिस और अर्धसैनिक बलों का कहना है कि नक्सलियों द्वारा वर्षों पहले लूटे गए हथियार अब एक-एक कर वापस सुरक्षा एजेंसियों के कब्जे में आ रहे हैं। बीते साल भर में बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर जिलों में चलाए गए संयुक्त अभियानों के दौरान यह बरामदगी हुई है। कई मुठभेड़ों में नक्सली मारे गए या गिरफ्तार हुए, जबकि बड़ी संख्या में हथियार और विस्फोटक जब्त किए गए।
अधिकारियों का कहना है कि हथियारों की इस बड़ी बरामदगी से नक्सली नेटवर्क को भारी झटका लगा है। इससे उनकी मारक क्षमता कमजोर हुई है और नए कैडर की भर्ती व प्रशिक्षण पर भी असर पड़ा है। सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में सर्च ऑपरेशन और तेज किए जाएंगे, ताकि शेष हथियारों को भी बरामद किया जा सके।
राज्य पुलिस मुख्यालय के अनुसार, नक्सल प्रभावित इलाकों में अब तकनीक आधारित ऑपरेशन, ड्रोन सर्विलांस और इंटेलिजेंस नेटवर्क को और मजबूत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य न केवल नक्सलियों को निष्क्रिय करना है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शांति और विकास का माहौल भी कायम करना है।
सरकार का दावा है कि नक्सल हिंसा में लगातार गिरावट आ रही है और हथियारों की बरामदगी इस बात का प्रमाण है कि सुरक्षाबल निर्णायक बढ़त हासिल कर चुके हैं। आने वाले महीनों में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में और बड़ी सफलताओं की उम्मीद जताई जा रही है।


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