रायपुर में गणेशोत्सव धूमधाम से संपन्न, 5931 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन, झांकी रूट पर रोड वैक्युम क्लीनर और JCB से सफाई अभियान चला, प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर।
रायपुर। राजधानी रायपुर में गणेशोत्सव की समाप्ति के अवसर पर गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। इस वर्ष रायपुर नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएँ की गईं, ताकि विसर्जन प्रक्रिया सुचारू और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके। जानकारी के अनुसार, इस बार रायपुर में कुल 5931 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए प्रशासन ने अलग-अलग जलाशयों और कृत्रिम टैंकों की व्यवस्था की थी। भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन, नगर निगम और स्वयंसेवी संगठनों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
सफाई अभियान में आधुनिक तकनीक का प्रयोग
विसर्जन के बाद शहर की सड़कों और झांकी रूट पर भारी मात्रा में कचरा और फूल-मालाएँ जमा हो गई थीं। ऐसे में नगर निगम ने सफाई कार्य के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया।
- रोड वैक्युम क्लीनर मशीन और JCB मशीनों की मदद से सड़कों की सफाई की गई।
- झांकी रूट और तालाबों के आस-पास की जगहों से फूल, माला और प्लास्टिक कचरे को हटाया गया।
- सफाईकर्मियों की टीम ने देर रात तक अभियान चलाकर शहर को स्वच्छ बनाए रखने का कार्य किया।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लोगों से अपील की थी कि वे प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों का उपयोग न करें और पर्यावरण अनुकूल मिट्टी की मूर्तियों का विसर्जन करें। इस बार बड़ी संख्या में लोगों ने मिट्टी की मूर्तियों का उपयोग किया, जिससे प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिली।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था
गणेश विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उमड़े। पुलिस विभाग ने पहले से तैयार की गई ट्रैफिक प्लानिंग को लागू किया। झांकी रूट पर यातायात को डायवर्ट किया गया, ताकि किसी तरह की भीड़भाड़ या अव्यवस्था न हो। साथ ही, नदी-तालाबों के किनारे गोताखोरों और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था।
सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक
गणेशोत्सव का समापन रायपुर में एक सामूहिक श्रद्धा और सामाजिक एकता का प्रतीक बना। शहरभर में आयोजित झांकियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भजन-कीर्तन ने उत्सव को और भी खास बना दिया। विसर्जन के समय भक्तों ने “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारे लगाए।
प्रशासन का संदेश
नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि हर साल गणेशोत्सव के बाद सफाई और व्यवस्था की चुनौती बड़ी होती है। लेकिन इस बार नागरिकों के सहयोग और आधुनिक मशीनों की मदद से सफाई अभियान को तेज़ और प्रभावी बनाया गया। उन्होंने आगे भी नागरिकों से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग की अपील की।
