रायपुर के डूमरतराई थोक बाजार में व्यापारी से 3 लाख रुपये का बैग चोरी, लोडिंग के समय हुई उठाईगिरी से सनसनी फैली।
रायपुर राजधानी रायपुर के सबसे व्यस्ततम डूमरतराई थोक बाजार में मंगलवार को दिनदहाड़े एक सनसनीखेज वारदात हुई। एक किराना व्यापारी से लोडिंग के दौरान नोटों से भरा बैग चोरी हो गया। बैग में लगभग तीन लाख रुपये नकद थे। यह वारदात इतनी चतुराई से अंजाम दी गई कि किसी को भनक तक नहीं लगी।
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घटना कैसे हुई?
जानकारी के अनुसार, पीड़ित किराना व्यापारी प्रतिदिन की तरह डूमरतराई थोक बाजार में अपने ट्रक में माल लोड करवा रहा था। उसी दौरान उसने अपना बैग — जिसमें तीन लाख रुपये नकद थे — कुछ समय के लिए ट्रक के केबिन में रख दिया। व्यापारी और उसके कर्मचारी लोडिंग में व्यस्त थे, तभी चोर मौके का फायदा उठाकर बैग लेकर चंपत हो गया।
जब लोडिंग के बाद व्यापारी ने बैग की तलाश की, तो वह गायब मिला। आसपास पूछताछ करने और सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद भी चोर का कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस में दर्ज हुई रिपोर्ट
घटना की सूचना मिलते ही तेलीबांधा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और व्यापारी की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि बाजार के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि संदिग्ध की पहचान की जा सके।
व्यापारी में आक्रोश, सुरक्षा पर सवाल
इस वारदात के बाद व्यापारियों में आक्रोश है। डूमरतराई बाजार में पहले भी कई बार उठाईगिरी और चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। व्यापारियों ने मांग की है कि बाजार में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और पार्किंग क्षेत्रों में सीसीटीवी की संख्या बढ़ाई जाए।
व्यापारिक संघ की प्रतिक्रिया
डूमरतराई व्यापार संघ के अध्यक्ष ने इस घटना को सुरक्षा में बड़ी चूक बताया। उन्होंने कहा, “बाजार में रोज़ाना करोड़ों रुपये का लेन-देन होता है, लेकिन पुलिस की कोई नियमित उपस्थिति नहीं होती। यह घटना दर्शाती है कि चोर बेखौफ होकर घूम रहे हैं।”
पुलिस का बयान
तेलीबांधा थाने के प्रभारी ने मीडिया को बताया, “हमने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। आस-पास के इलाकों में मुखबिरों को सक्रिय कर दिया गया है। जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।”
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
डूमरतराई बाजार में इससे पहले भी कई बार व्यापारियों को निशाना बनाया गया है। कुछ महीने पहले एक अन्य व्यापारी से ₹1.5 लाख की नकदी इसी तरह लोडिंग के दौरान चोरी हो गई थी, जिसका अब तक खुलासा नहीं हो पाया है।
समझदारी की कमी या सुरक्षा का अभाव?
व्यापारी अक्सर भारी मात्रा में नकद लेकर बाजार आते हैं, लेकिन निजी सुरक्षा या निगरानी की व्यवस्था नहीं करते। चोरों को इसी लापरवाही का फायदा मिलता है। पुलिस ने भी सुझाव दिया है कि व्यापारी लेन-देन में अधिक सतर्कता बरतें और नकदी के साथ अकेले न चलें।
निष्कर्ष
रायपुर जैसे बड़े व्यापारिक केंद्र में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने न केवल बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है। उम्मीद है कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर व्यापारी को न्याय दिलाएगी और प्रशासन बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाएगा।
