बस्तर में 9 महिला समेत 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। 33 लाख का इनाम घोषित था। हिंसा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़े, पुनर्वास योजनाओं का लाभ मिलेगा।
बस्तर। छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। रविवार को 9 महिलाओं समेत कुल 20 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण का विवरण
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली लंबे समय से बस्तर, दंतेवाड़ा और बीजापुर इलाके में सक्रिय थे। इनमें से कई पर पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमले, आईईडी ब्लास्ट, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और ग्रामीणों में भय फैलाने जैसे गंभीर आरोप हैं।
अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से कई पर 1 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक का इनाम घोषित था। ये नक्सली हथियारों और विस्फोटक सामग्री के साथ अधिकारियों के सामने आए और मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया।
महिला नक्सलियों का आत्मसमर्पण
आत्मसमर्पण करने वालों में 9 महिलाएं शामिल हैं, जिन्होंने बताया कि जंगलों में लगातार हिंसा और असुरक्षा के माहौल ने उन्हें थका दिया था। उन्होंने कहा कि विकास की मुख्यधारा से जुड़ना ही अब सही विकल्प है।
सरकार और पुलिस की पहल
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण नीति के तहत इन नक्सलियों को पुनर्वास और पुनर्विकास योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। उन्हें रोजगार और शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।
गृह मंत्रालय का बयान
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस आत्मसमर्पण को माओवादी हिंसा के खिलाफ बड़ी सफलता करार दिया है। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम अन्य नक्सलियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
विशेषज्ञों की राय
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह आत्मसमर्पण इस बात का संकेत है कि नक्सलवाद धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है और सरकार की नीतियां असर दिखा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास योजनाओं का लाभ मिलने से नक्सली संगठन अपनी पकड़ खोते जा रहे हैं।
भविष्य की राह
सरकार का मानना है कि केवल सैन्य कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है। नक्सली प्रभावित इलाकों में विकास और संवाद से ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।
