बुधवार, 16 सितंबर 2026
ताज़ा खबर
Advertisement

AXIS बैंक में 10 लाख की ठगी, ग्राहक मृत

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 6 August 2025

डोंगरगढ़ में AXIS बैंक ग्राहक के खाते से 10 लाख की ठगी, सदमे में आया हार्ट अटैक, इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने किया हंगामा।।

डोंगरगढ़ |छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ कस्बे में उस वक्त सनसनी फैल गई जब AXIS बैंक के एक ग्राहक के खाते से 10 लाख रुपये की ठगी की खबर आई और सदमे में ग्राहक की हार्ट अटैक से मौत हो गई। यह मामला केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक निर्दोष नागरिक की जान भी ले गया, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया।

💸 खाते से अचानक गायब हुए 10 लाख रुपये

जानकारी के अनुसार, पीड़ित राजेंद्र वर्मा (उम्र 56 वर्ष) डोंगरगढ़ के निवासी थे और पिछले 8 वर्षों से AXIS बैंक के खाताधारक थे। बीते सोमवार को उन्होंने जब अपने खाते का बैलेंस चेक किया तो पता चला कि उनके खाते से लगातार कई ट्रांजेक्शन के माध्यम से करीब 10 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं

राजेंद्र वर्मा ने तुरंत बैंक से संपर्क किया और ट्रांजेक्शन डिटेल्स की मांग की। बैंक अधिकारियों ने जब जांच की तो पाया गया कि पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए अज्ञात खातों में भेजे गए हैं।

“हमने ग्राहक को आश्वस्त किया था कि जांच की जाएगी, लेकिन वे अत्यधिक तनाव में थे,”
– एक बैंक अधिकारी

😱 सदमे में आया दिल का दौरा

अपने जीवनभर की कमाई एक झटके में गंवाने के बाद राजेंद्र वर्मा गहरे सदमे में चले गए। परिजनों के मुताबिक, वह लगातार चिंता और गुस्से में थे। उसी रात उनकी तबीयत बिगड़ी और सीने में दर्द की शिकायत के साथ उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की पुष्टि की। इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई।

परिवार वालों का कहना है कि यदि बैंक समय रहते कार्रवाई करता और मामले को गंभीरता से लेता, तो राजेंद्र की जान बच सकती थी।

🧾 परिजनों का बैंक के खिलाफ प्रदर्शन

घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने AXIS बैंक की शाखा के बाहर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने बैंक पर लापरवाही और समय पर सहायता न देने का आरोप लगाया। कई घंटों तक बैंक के बाहर हंगामा चलता रहा और पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।

“राजेंद्र जी बैंक के भरोसे थे, लेकिन बैंक की चुप्पी ने उनकी जान ले ली,”
– एक स्थानीय नागरिक

🕵️‍♂️ साइबर सेल ने जांच शुरू की

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है और साइबर सेल को जांच सौंपी गई है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि ठगी किसी फिशिंग लिंक या KYC अपडेट के नाम पर भेजे गए मैसेज के जरिए की गई हो सकती है।

“हमने बैंक से डाटा मांगा है और खातों को ट्रेस किया जा रहा है जिनमें राशि ट्रांसफर हुई है,”
– थाना प्रभारी, डोंगरगढ़

📉 लापरवाही पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि कैसे एक सामान्य ग्राहक के खाते से इतनी बड़ी राशि बिना OTP और वेरिफिकेशन के निकल सकती है? क्या बैंक का सुरक्षा सिस्टम इतना कमजोर है कि कोई भी ग्राहक कभी भी ठगी का शिकार बन सकता है?

📢 बैंक की सफाई

AXIS बैंक की ओर से एक आधिकारिक बयान में कहा गया है:

“हम मामले की गंभीरता को समझते हैं और पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। ग्राहक की मृत्यु दुखद है।”

हालांकि परिजन इस बयान से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने मुआवज़े की मांग की है।

🧠 साइबर सुरक्षा पर विशेषज्ञों की सलाह

साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि आम जनता को संदिग्ध कॉल, लिंक और OTP शेयरिंग से बचना चाहिए।

  • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
  • फोन पर KYC अपडेट या बैंक जानकारी शेयर न करें
  • हमेशा बैंक से सीधे संपर्क करें

📜 न्याय और मुआवज़े की मांग

राजेंद्र वर्मा की मौत केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस सिस्टम की विफलता है जो ग्राहक सुरक्षा का दावा करता है। उनके परिवार ने सरकार और बैंक से मुआवज़े की मांग की है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

🔚 निष्कर्ष

डोंगरगढ़ में हुई यह घटना केवल एक आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और सामाजिक त्रासदी बन गई है। यह ज़रूरी है कि ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएं ताकि कोई और राजेंद्र वर्मा अपने पैसे और जीवन दोनों न गंवाए।

संबंधित खबरें

अपनी प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *