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रायपुर में चाकूबाज गैंग का कहर: नाबालिग पर हमला, पुलिस की नाकामी से बढ़ा खौफ

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 30 June 2025

रायपुर में आदतन अपराधियों का आतंक बढ़ा, चाकूबाजी में नाबालिग घायल, पुलिस की ढिलाई से चाकूबाज गैंग का हौसले बुलंद, मोहल्ले में दहशत।

रायपुर(मेघा तिवारी की रिपोर्ट)। राजधानी रायपुर में चाकूबाजी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। लगातार हो रही वारदातों से आम नागरिकों में खौफ का माहौल है और स्थानीय पुलिस की सख्ती के दावों के बावजूद आदतन अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। शुक्रवार देर रात मौदहापारा थाना क्षेत्र में एक और चाकूबाजी की घटना सामने आई, जिसमें एक नाबालिग युवक को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिस्ट्रीशीटर अभय रक्सेल और अंकुश रात्रे सहित उनके अन्य साथियों ने मिलकर अहसान नामक युवक पर जानलेवा हमला किया। चाकू से किए गए इस हमले में अहसान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

हमले में शामिल अंकुश रात्रे, कुख्यात अपराधी मुस्कान रात्रे का भाई है, जो पहले ही कबीर नगर इलाके में चाकूबाजी की एक घटना के बाद फरार चल रही है। दोनों भाई-बहन पर पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इनका पूरा परिवार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है। रात्रे और रक्सेल परिवार के अन्य सदस्य भी विभिन्न मामलों में जेल की सजा भुगत चुके हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अंकुश रात्रे और अभय रक्सेल नशे की गोलियों, गांजा, अवैध शराब, और जुआ जैसे अपराधों के साथ-साथ पाकिटमारी गैंग चलाते हैं। इनका इलाका में जबरदस्त नेटवर्क बना हुआ है और मोहल्ले में दहशत फैलाने के लिए आए दिन ऐसी घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं।

बीते वर्ष अंकुश रात्रे ने एक मारपीट के मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस और मोहल्लेवासियों पर घरेलू गैस सिलेंडर में आग लगाकर ऊपर फेंक दिया था। इस घटना में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया था। बावजूद इसके न तो इन पर कोई कड़ी कार्रवाई हो पाई और न ही इनकी गतिविधियों पर लगाम लग सका।

स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि चाकूबाजों के डर से बच्चे बाहर खेलने नहीं जा पा रहे और लोग रात में घर से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। अपराधियों का दुस्साहस पुलिस की निष्क्रियता को उजागर कर रहा है।

हालांकि पुलिस का दावा है कि अपराधियों पर निगरानी रखी जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मगर लगातार होती घटनाओं ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

निष्कर्ष में, रायपुर जैसे शांत शहर में इस तरह की घटनाएं न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही हैं, बल्कि समाज में भय का वातावरण भी पैदा कर रही हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन कब तक ऐसे अपराधियों पर लगाम लगाता है और आम जनता को राहत मिलती है।



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