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भोपाल सेंट्रल लाइब्रेरी में विज्ञान और खगोल मॉडल्स की झलक, छात्रों में जगी जिज्ञासा और नवाचार की भावना

मध्य प्रदेश ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 5 May 2025

भोपाल सेंट्रल लाइब्रेरी में विज्ञान दिवस पर गणितीय और खगोलीय मॉडलों की एक दिवसीय प्रदर्शनी, छात्रों में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहन मिला।

भोपाल(मेघा तिवारी की रिपोर्ट)| राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 के उपलक्ष्य में शासकीय मौलाना आजाद सेंट्रल लाइब्रेरी, भोपाल में एक दिवसीय गणितीय एवं खगोलीय मॉडल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक और तार्किक सोच को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (MP-CST) भोपाल के सहयोग से किया गया।

प्रदर्शनी का शुभारंभ क्षेत्रीय ग्रंथपाल रत्ना वाधवानी द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा, “विद्यालयों में खगोल और गणितीय मॉडल्स के प्रयोग से न केवल विज्ञान और गणित की समझ विकसित होती है, बल्कि यह छात्रों में तार्किक चिंतन, रचनात्मकता और वैज्ञानिक अभिरुचि भी बढ़ाता है।”

कार्यक्रम के स्रोत समन्वयक दीपक सोनी ने बताया कि यदि कक्षा में पढ़ाई के दौरान क्रियाशील और नवाचारी मॉडल्स का प्रयोग किया जाए, तो यह छात्रों की अवधारणाओं को गहराई से समझने में अत्यंत सहायक हो सकते हैं।

प्रदर्शनी में लगभग 500 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और विभिन्न विज्ञान एवं खगोलशास्त्र विषयक मॉडल्स को देखा, समझा और उनसे जुड़े सवाल भी पूछे। खगोलशास्त्र के क्षेत्र में छात्रों की गहन जिज्ञासा देखने को मिली।

स्रोत व्यक्ति नीरज सिंह ठाकुर ने खगोलीय घटनाओं को मॉडल्स के माध्यम से बेहद रोचक और सरल तरीके से समझाया। उनके प्रदर्शन में ग्रहों की गति, सूर्य का स्थान, तारों की चमक, नक्षत्रों की स्थिति, और यहां तक कि ब्लैक होल और घटना क्षितिज (Event Horizon) जैसी जटिल अवधारणाओं को भी मॉडल्स के माध्यम से स्पष्ट किया गया।

छात्रों द्वारा पूछे गए प्रमुख सवालों में शामिल थे:

  • इस मॉडल में ग्रहों की स्थिति और दूरी को कैसे दर्शाया गया है?
  • क्या यह मॉडल ग्रहों की गति को वास्तविक समय में प्रदर्शित करता है?
  • सूर्य और ग्रहों के आकार का अनुपात क्या वस्तविकता के अनुरूप है?
  • कौन-कौन से नक्षत्र और तारामंडल इस मॉडल में दिखाए गए हैं?
  • तारों की चमक और रंग को मॉडल में कैसे दिखाया गया है?
  • क्या यह मॉडल रात के आकाश का सटीक प्रतिनिधित्व करता है?
  • ब्लैक होल के प्रभाव को इस मॉडल में कैसे समझाया गया है?
  • घटना क्षितिज को मॉडल में कैसे दर्शाया गया है?

इस तरह के प्रश्नों से यह स्पष्ट हुआ कि प्रदर्शनी छात्रों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक रही और उनकी वैज्ञानिक समझ को गहराई प्रदान की।

कार्यक्रम में पुस्तकालय के प्रभारी संदीप जयपुरकर, जागेश चंद्र, शोभ खान और अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की सफलता के लिए टीम के सहयोग की सराहना की और भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया।

यह प्रदर्शनी न केवल एक शैक्षणिक प्रयास थी, बल्कि यह छात्रों के भीतर विज्ञान के प्रति नई चेतना जागृत करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम भी साबित हुई।


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